कोलकाता में ‘शहीद दिवस’ पर महासंग्राम : 2.5 KM के दायरे में 3 रैलियां, पूरी रात डटी रहीं ममता बनर्जी, बागियों और BJP पर बोला हमला

कोलकाता में 21 जुलाई के शहीद दिवस पर इतिहास रच गया. ढाई किलोमीटर के दायरे में तीन प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक दलों ने समानांतर रैलियां कीं. तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने तोड़फोड़ का आरोप लगाते हुए पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर बिताई और बीजेपी तथा बागी गुट पर जमकर हमला बोला.

Kolkata 21 July Martyrs Day: पश्चिम बंगाल की राजनीति में ‘शहीद दिवस’ (21 जुलाई) का आयोजन मंगलवार को एक ऐतिहासिक और अभूतपूर्व सियासी टकराव के मोड़ पर पहुंच गया. महज ढाई किलोमीटर के दायरे में 3 प्रतिद्वंद्वी राजनीतिक खेमों ने समानांतर रैलियों और कार्यक्रमों का आयोजन किया. इसके साथ ही 1993 के पुलिस गोलीकांड की यह वार्षिक श्रद्धांजलि सभा अब विरासत, सांगठनिक ताकत और राजनीतिक प्रासंगिकता साबित करने की सीधी होड़ में बदल गयी. कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही कोलकाता में उस समय तनाव की स्थिति बन गयी, जब पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सुप्रीमो ममता बनर्जी को बिरला तारामंडल के पास बने अपने मंच पर पूरी रात डेरा डालना पड़ा.

तोड़फोड़ का आरोप, पूरी रात कार्यक्रम स्थल पर डटी रहीं ममता

ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि 21 जुलाई की शहीद दिवस रैली को बाधित करने के इरादे से ‘भाजपा समर्थित बदमाशों’ ने टीएमसी के मंच, बैनर और साउंड सिस्टम में तोड़फोड़ की. इस कथित हमले के बाद ममता बनर्जी अपने शीर्ष नेताओं- अभिषेक बनर्जी, डेरेक ओब्रायन, कल्याण बनर्जी और डोला सेन के साथ रात भर कार्यक्रम स्थल पर जमी रहीं. पार्टी कार्यकर्ता भी सुबह तक मंच और आसपास के इलाके की सुरक्षा में तैनात रहे.

आधी रात को ममता बनर्जी का संबोधन

आधी रात के करीब समर्थकों को संबोधित करते हुए ममता बनर्जी ने कहा- हमारे कार्यकर्ताओं को रैली में आने से रोका जा रहा है. शहीदों के परिवारों को पुलिस के जरिये डराया-धमकाया जा रहा है. कोर्ट के आदेश पर जेल से बाहर आये एक अपराधी के नेतृत्व में बीजेपी समर्थित 60-65 गुंडों ने हमारे मंच को निशाना बनाया, बिजली की लाइन काटी और बैनर फाड़े.

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तीन खेमों में बंटी 21 जुलाई की विरासत

ममता बनर्जी गुट (TMC) ने बिरला तारामंडल के पास अपना मुख्य कार्यक्रम आयोजित किया. खुद को ‘अविभाजित’ या ‘असली तृणमूल कांग्रेस’ बताने वाला बागी गुट ने बिरला तारामंडल से करीब 2 किलोमीटर दूर मेयो रोड पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास समानांतर सभा की. महात्मा गांधी की प्रतिमा से 1 किलोमीटर दूर स्थित ऐतिहासिक ‘शहीद मीनार’ (157 फीट ऊंची) पर अपना अलग शहीद दिवस कार्यक्रम आयोजित किया.

बागी गुट और बीजेपी पर ममता बनर्जी का हमला

ममता बनर्जी ने शहीद दिवस के मंच से अपनी ही पार्टी के बागी गुट और भारतीय जनता पार्टी पर जमकर हमला बोला.

  • जरूरत पड़ी तो ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ के विरोध-प्रदर्शन में भी शामिल होऊंगी
  • मैं चाहती हूं कि बंगाल में भाजपा से मुकाबले के लिए सभी लोग ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत एकजुट हों
  • ‘गद्दारों’ को तृणमूल कांग्रेस में लौटने की इजाजत नहीं दी जायेगी
  • मैं हमारे कार्यक्रम में शामिल होने के लिए शहीदों के परिवारों का आभार व्यक्त करती हूं, वे हर हाल में तृणमूण कांग्रेस के साथ खड़े रहे
  • मैं ‘गद्दारों’ को चुनौती देती हूं कि भाजपा में शामिल होकर चुनाव लड़ें
  • भाजपा के गुंडों ने ‘शहीद दिवस’ रैली के लिए बनाये गये हमारे मंच पर हमला किया, ताकि हम कार्यक्रम न कर सकें

अब जनता ममता बनर्जी के साथ नहीं : भाजपा

भारतीय जनता पार्टी ने टीएमसी के मंच पर तोड़फोड़ और हमले के सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया. राज्य के मंत्री दिलीप घोष ने ममता बनर्जी के रात भर धरना देने पर चुटकी लेते हुए कहा- यह कार्यक्रम शहीदों के प्रति सम्मान व्यक्त करने का होना चाहिए, न कि कोई विरोध प्रदर्शन या राजनीतिक ड्रामा का. वे वहां पूरी रात बैठ सकते हैं, लेकिन सच यह है कि अब जनता उनके साथ नहीं है. टीएमसी वालों ने शहीदों, उनके परिजनों और बंगाल की जनता के साथ धोखा किया है.

राइटर्स बिल्डिंग मार्च के दौरान फायरिंग में हुई थी 13 युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं की मौत

21 जुलाई 1993 को राइटर्स बिल्डिंग्स (सचिवालय) मार्च के दौरान पुलिस की फायरिंग में युवा कांग्रेस के 13 कार्यकर्ताओं की मौत हो गयी थी. उनकी याद में ममता बनर्जी और पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस पार्टी वर्ष 1994 से लगातार यह कार्यक्रम आयोजित करती आ रही हैं. 2.5 किलोमीटर के छोटे से इलाके में 3 बड़ी रैलियों के चलते पूरे मध्य कोलकाता में सुरक्षा कड़ी कर दी गयी थी. भारी संख्या में पुलिस बल को तैनात किया गया था.


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By Mithilesh Jha

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