बंगाल के अंडाल में बंद मकान से मिले 15 हथियार और 56 कारतूस, तस्करी गिरोह का बिहार-झारखंड से है कनेक्शन

पश्चिम बंगाल के पश्चिम बर्धमान जिले में पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए ईसीएल के बंद कर्मचारी आवास से 15 अवैध हथियार और 56 कारतूस बरामद किए हैं. इस मामले में गिरफ्तार किए गए तस्करों के तार बिहार और झारखंड से जुड़े होने का संदेह है.

पश्चिम बर्धमान से संतोष विश्वकर्मा की रिपोर्ट

पश्चिम बर्धमान जिले के अंडाल थाना क्षेत्र में एक मंदिर के पास ईसीएल (Eastern Coalfields Limited) के बंद कर्मचारी आवास से पुलिस ने बड़ी संख्या में अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं. शनिवार रात हुई इस कार्रवाई में 15 आग्नेयास्त्र और 56 राउंड कारतूस जब्त किए गए. पुलिस अब इस हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है.

सूचना मिलने पर हुई छापेमारी

एसटीएफ सूत्रों के अनुसार, कुछ दिन पहले खैरुल आलम चौधरी और शमशेर हुसैन नामक दो कथित हथियार कारोबारियों को गिरफ्तार किया गया था. दोनों से पूछताछ के बाद पुलिस को अंडाल के परासकोल इलाके में पद्मावती मंदिर के पास स्थित ईसीएल के एक परित्यक्त कर्मचारी आवास में हथियार छिपाकर रखे जाने की जानकारी मिली.

चार 9 एमएम पिस्तौल बरामद

इसके बाद शनिवार रात अंडाल थाना क्षेत्र में पुलिस ने उक्त परित्यक्त आवास पर छापेमारी की. तलाशी के दौरान वहां से चार 9 एमएम पिस्तौल, सात .32 बोर पिस्तौल, एक .38 रिवॉल्वर और तीन पाइपगन बरामद किए गए. इसके अलावा 56 राउंड कारतूस भी जब्त किए गए. फिलहाल पुलिस बरामद हथियारों के स्रोत और उनके संभावित खरीदारों का पता लगाने के साथ-साथ गिरोह से जुड़े अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है.

जुलाई में हुई थी पहली गिरफ्तारी

एसटीएफ सूत्रों के मुताबिक, इस मामले की जांच जुलाई में शुरू हुई थी. जमुड़िया के केंदा बेलबाद बस स्टैंड से खैरुल नामक युवक को गिरफ्तार किया गया था. उसके पास से दो अवैध हथियार बरामद हुए थे. खैरुल पांडवेश्वर के डालूर बांध इलाके का रहने वाला बताया गया है.

रांची से गिरफ्तार हुआ था शमशेर

पूछताछ के दौरान एसटीएफ अधिकारियों को उसके कथित तौर पर एक बड़े अंतरराज्यीय हथियार तस्करी नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली. इसी जांच के आधार पर इस महीने की शुरुआत में रांची से शमशेर नामक एक अन्य कथित हथियार कारोबारी को गिरफ्तार किया गया.

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बिहार और झारखंड तक फैले तार

एसटीएफ अधिकारियों का प्रारंभिक अनुमान है कि इस हथियार तस्करी गिरोह के तार बिहार और झारखंड तक फैले हो सकते हैं. जांचकर्ताओं को संदेह है कि पश्चिम बंगाल के विभिन्न इलाकों में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले नेटवर्क में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के अलावा कई अन्य लोग भी शामिल हैं.

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लेखक के बारे में

By आशीष झा

डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में 10 वर्षों का अनुभव. लगातार कुछ अलग और बेहतर करने के साथ हर दिन कुछ न कुछ सीखने की कोशिश. वर्तमान में बंगाल में कार्यरत. बंगाल की सामाजिक-राजनीतिक नब्ज को टटोलने के लिए प्रयासरत. देश-विदेश की घटनाओं और किस्से-कहानियों में विशेष रुचि. डिजिटल मीडिया के नए ट्रेंड्स, टूल्स और नैरेटिव स्टाइल्स को सीखने की चाहत.

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