रवींद्र संगीत के साथ होगी कूड़े की स्मार्ट सफाई
श्रीकांत शर्मा, हावड़ा : अब प्रतिदिन हावड़ा के लोगों की नींद रवींद्र संगीत की मधुर ध्वनि से खुलेगी तो घर के बाहर स्मार्ट कूड़ा गाड़ी लगी रहेगी. हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) के तहत पड़नेवाले इलाकों में सफाईकर्मी ऐसी कूड़ा गाड़ी के साथ लोगों के घर पहुंचेंगे, जिसमें साउंड बॉक्स लगा होगा. इस बॉक्स में बंगाल […]
श्रीकांत शर्मा, हावड़ा : अब प्रतिदिन हावड़ा के लोगों की नींद रवींद्र संगीत की मधुर ध्वनि से खुलेगी तो घर के बाहर स्मार्ट कूड़ा गाड़ी लगी रहेगी. हावड़ा नगर निगम (एचएमसी) के तहत पड़नेवाले इलाकों में सफाईकर्मी ऐसी कूड़ा गाड़ी के साथ लोगों के घर पहुंचेंगे, जिसमें साउंड बॉक्स लगा होगा. इस बॉक्स में बंगाल की संस्कृति में रचे-बसे रवींद्र संगीत बजता रहेगा. घर के बाहर खड़े सफाईकर्मी को गीला (जैव) और सूखा (रासायनिक) कूड़ा अलग-अलग देना होगा.
जानकारी के अनुसार, प्रतिदिन शहर से करीब 800 मीट्रिक टन कूड़ा निकलता है. कूड़े में ज्यादातर पॉलीथिन और प्लास्टिक के सामान होते है. इसे कूड़े से अलग करने के बाद गीले कूड़े से उर्वरक बनाया जा सकता है.
इससे डंपिग साइट पर कूड़े की मात्रा बहुत कम रह जायेगी. एचएमसी की ओर से पिछले दिनों इस अभियान की शुरुआत 22 नंबर वार्ड से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में कर दिया है. शुरुआत में इस इलाके के लोगों को दो तरह के डस्टबिन दिये गये. उन्हें कहा गया कि वह घर से निकलनेवाले गीला कूड़ा (जैव) और सूखा कूड़ा (रसायनिक) को अलग-अलग रखें.
कंप्रेसर मशीन से होगा कचरे का निपटारा : हावड़ा में मात्र एक डंपिंग ग्राउंड है, जो बेलगछिया इलाके में स्थित है. इस डंपिंग ग्राउंड की क्षमता काफी सीमित है. वर्तमान में बेलगछिया डंपिंग ग्राउंड की स्थिति काफी खराब है. पूरा मैदान कूड़े का पहाड़ बन चुका है. ऐसे में कंप्रेसर मशीन से कचरे का निपटारा कर शहर को कूड़े से मुक्त किया जायेगा.
ऐसी होगी आधुनिक बैटरी चालित कूड़ा गाड़ी
एचएमसी ने इस परियोजना के तहत आधुनिक बैटरी चालित गाड़ियों को तैयार करवाया है. इको फ्रेंडली इन बैटरी चालित गाड़ियों को हाइड्रोलिक के साथ साउंड बॉक्स सिस्टम से भी लैस किया गया है.
इसकी डिजाइन इस प्रकार की गयी है कि यह हावड़ा शहर के सभी छोटे रास्तों के साथ गलियों में भी आसानी से प्रवेश कर जाये. निगम के सफाई कर्मी इन्हीं गाड़ियों के साथ हावड़ा के विभिन्न गली-मुहल्लों में पहुंचेंगे. इस गाड़ी में दो तरह के कूड़ों को रखने की व्यवस्था होगी. एक में जैविक तो दूसरे में रसायनिक कचरे को एकत्रित किया जायेगा.
आधुनिकता ने जहां रहन-सहन में बदलाव लाया, उसी रफ्तार से हमारे घरों से निकलनेवाले कचरे में भी आमूलचूक बदलाव हुआ है. देखा जाये तो आम तौर पर घरों से दो से तीन तरह का कचरा निकलता है, पहला जैविक, अजैविय और अब ई-कचरा भी हमारे घरों से ज्यादा निकल रहा है. अब नगर निगम ने भी बदलते दौर में कूड़ा प्रबंधन के लिए स्मार्ट तरीका अपनाने की शुरुआत कर दी. कूड़ा उठानेवाली नयी गाड़ी भी स्मार्ट तरह से बनायी गयी है, जिसमें चार अलग-अलग बॉक्स है.
इन बॉक्सों में जैविक कचरा, अजैविक कचरा और प्लास्टिक कचरा रखा जा सकेगा. जैविक कचरे को मशीनों में डाल कर उर्वरक बनाया जायेगा. हावड़ा के विवेक विहार में कूड़े से उर्वरक बनानेवाली एक मशीन को लगाया गया है.
-बिजिन कृष्णा, आयुक्त, हावड़ा नगर निगम
