विधानसभा में प्रस्ताव की कोई कानूनी स्वीकृति नहीं : मुकुल राय

– बंगाल सरकार अशांति पैदा करने की कर रही है कोशिश कोलकाता : भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल राय ने तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा में सीएए, एनसीसी व एनपीआर के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के प्रस्ताव की कोई कानूनी मान्यता नहीं है. श्री […]

– बंगाल सरकार अशांति पैदा करने की कर रही है कोशिश

कोलकाता : भाजपा के राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य मुकुल राय ने तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा में सीएए, एनसीसी व एनपीआर के खिलाफ विधानसभा में प्रस्ताव लाने को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के प्रस्ताव की कोई कानूनी मान्यता नहीं है. श्री राय ने मंगलवार को दिल्ली में नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात कर उन्हें बधाई दी.

श्री राय ने सीएए व एनपीआर दो ही भारत सरकार द्वारा स्वीकृत कानून है. दोनों ही केंद्र सरकार का विषय है. इन कानूनों में राज्य सरकार को कुछ नहीं करना है. बंगाल में अशांति पैदा करने के लिए और देशद्रोही सुर तैयार करने के लिए बंगाल सरकार यह कर रही है. संघीय ढांचे में केंद्रीय कानून को राज्य सरकार नहीं मानेगी. यह नहीं हो सकता है. राज्य सरकार को यह स्वीकार करना चाहिए.

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस सरकार द्वारा विधानसभा में एनपीआर, सीएए और एनआरसी के खिलाफ लाये जा रहे प्रस्ताव की कोई कानूनी मान्यता नहीं है. कांग्रेस, माकपा और तृणमूल सभी एक ही हैं. इसमें कोई नया नहीं है. तृणमूल कांग्रेस के महासचिव पार्थ चटर्जी द्वारा यह कहना कि सभी नागरिक हैं. अब फिर से क्यों शरणार्थी होंगे.

श्री राय ने कहा कि संसद ने नागरिकता कानून पारित किया है. यदि सभी नागरिक हैं, तो फिर बांग्लादेश, अफगानिस्तान और पाकिस्तान से आये शरणार्थियों को अब तक क्यों नहीं नागरिकता दी गयी थी. क्यों उन्हें प्रताड़ना का जीवन जीना पड़ रहा था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने शरणार्थियों को नागरिकता दी है. उन्हें उनका अधिकार दिया है.

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