कोलकाता : इसी वर्ष से राज्य में घर-घर पाइपलाइन के जरिये गैस की आपूर्ति शुरू होगी. राष्ट्रीय पर्यावरण अदालत में राज्य सचिवालय, नबान्न की ओर से हलफनामा देकर इसकी जानकारी दी गयी है.
उल्लेखनीय है कि गैस अथॉरिटी ऑफ इंडिया(गेल) और ग्रेटर कोलकाता गैस सप्लाई कॉरपोरेशन की संयुक्त परियोजना के जरिये कोलकाता, हावड़ा, हुगली तथा उत्तर व दक्षिण 24 परगना में घर-घर पाइपलाइन के जरिये गैस आपूर्ति का फैसला पहले ही लिया गया था. हालांकि यह परियोजना सरकारी लालफीताशाही की वजह से रुकी पड़ी थी.
अब परियोजना से जुड़ी बाधाओं के दूर होने के संकेत मिल रहे हैं. पर्यावरण अदालत में राज्य के मुख्य सचिव ने बताया कि गेल के साथ उनकी बातचीत हो गयी है. इस वर्ष के मध्य में कोलकाता व हावड़ा में सीएनजी की आपूर्ति का आश्वासन उनकी ओर से मिला है. दूसरी ओर नबान्न के सूत्रों से पता चला है कि पाइप लाइन के जरिये रोजाना औसतन 1.5 से 1.8 करोड़ क्यूबिक मीटर गैस की आपूर्ति संभव है. इस दर में सालाना पांच फीसदी इजाफे की योजना है.
गेल ने इस बीच राज्य में गैस आपूर्ति के लिए 400 किलोमीटर लंबी गैस पाइपलाइन बिछाने का काम शुरू कर दिया है. यह पाइपलाइन बिहार के गया से राज्य के बर्दवान के दुर्गापुर तक जायेगी. इस परियोजना में राज्य के 2700 करोड़ रुपये खर्च होंगे. गेल के अलावा राज्य सरकार की संस्था ग्रेटर कोलकाता गैस सप्लाई कॉरपोरेशन के सहयोग से कोलकाता व करीब के इलाकों में गैस की आपूर्ति होगी. इस परियोजना में गेल के 74 फीसदी और ग्रेटर कोलकाता गैस सप्लाई कॉरपोरेशन के 26 फीसदी शेयर रहेंगे.
राज्य सरकार की योजना है कि शुरुआत में राज्य के शहरी व बाद में ग्रामीण इलाकों में इस परिसेवा को शुरू किया जाये. पहले चरण में कोलकाता, उत्तर व दक्षिण 24 परगना, हावड़ा तथा हुगली में गैस की आपूर्ति की योजना है. गेल की ओर से परियोजना के पहले चरण में तीन हजार करोड़ रुपये का निवेश किया जायेगा.
