कोलकाता : जनहित की लड़ाई कांग्रेस और वाम दल ही लड़ सकते हैं. भाजपा और तृणमूल कांग्रेस की नीतियों में कोई फर्क नहीं है. दोनों की नीति जनविरोधी है. यह आरोप प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष सोमेन मित्रा ने लगाया है.
वे शुक्रवार को कांग्रेस और वाम दलों की ओर से राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) और नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) के खिलाफ महानगर में निकाली गयी रैली में शामिल हुए थे. वहां उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस प्रदर्शन के दौरान हिंसा का समर्थन नहीं करती है.
कुछ दिनों पहले राज्य में प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं हुईं. यहां की प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं. रैली में राज्य में वाममोर्चा के चेयरमैन विमान बसु, विधानसभा में वाम परिषदीय दल के नेता डाॅ सुजन चक्रवर्ती, माकपा के प्रदेश सचिव डाॅ सूर्यकांत मिश्रा, भाकपा (माले) पोलित ब्यूरो के सदस्य कार्तिक पाल समेत अन्य नेता व कार्यकर्ता शामिल रहे.
रैली अपराह्न करीब ढ़ाई बजे राजा सुबोध मल्लिक स्क्वायर से शुरू हुई, जो विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए महाजाति सदन के पास समाप्त हुई. रैली समाप्त होने के बाद डॉ सुजन चक्रवर्ती ने कहा कि एनआरसी और सीएए के खिलाफ वाम दलों की ओर से पहले से ही विरोध जारी है. इस बार विरोध कांग्रेस के साथ मिलकर किया गया.
उन्होंने कहा कि सांप्रदायिकता और विभाजन को बढ़ावा देने वाली राजनीति को कभी स्वीकारा नहीं जा सकता है. एनआरसी और सीएए के खिलाफ उनका आंदोलन जारी रहेगा.
