स्‍कॉटलैंड में दिवाली की धूम, दीयों की रोशनी के बीच रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम

कोलकाता : अंधकार से रोशनी की दिशा में बढ़ने का मार्ग दिखाने वाले पारंपरिक भारतीय त्यौहार दिवाली, का स्वागत करने के लिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर भारतीय तैयार है. कहा जाता है कि देवी पक्ष के बाद, देवी उमा असुरों का नाश करने के लिए आती हैं. वह ‘श्यामा मां’ या फिर ‘काली मां’ […]

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कोलकाता : अंधकार से रोशनी की दिशा में बढ़ने का मार्ग दिखाने वाले पारंपरिक भारतीय त्यौहार दिवाली, का स्वागत करने के लिए कश्मीर से कन्याकुमारी तक हर भारतीय तैयार है. कहा जाता है कि देवी पक्ष के बाद, देवी उमा असुरों का नाश करने के लिए आती हैं. वह ‘श्यामा मां’ या फिर ‘काली मां’ के तौर पर पूजी जाती हैं. स्कॉटलैंड में एडिनबर्ग के लोग भी दिवाली मनाने में पीछे नहीं हैं. यहां दिवाली का त्यौहार हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी प्रिंसेस स्ट्रीट पर मनाया जा रहा है. स्कॉटिश भारतीयों ने पहली बार इस देश में ‘दिवाली’ के त्यौहार को लाया था. अब यह अपने पांव पसार रहा है.

एडिनबर्ग में दिवाली का त्यौहार पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ मनाया जाता है. ‘एडिनबर्ग दिवाली’ के आयोजकों ने अपने पांच वर्ष के उत्सव के इतिहास में सर्वाधिक शानदार कार्यक्रम व पेशकश की घोषणा की है. समूचे दक्षिण एशिया में मनाया जाने वाला यह त्यौहार एडिनबर्ग में रोशनी, संगीत, नृत्य और खानपान के साथ बहु सांस्कृतिक आयाम के साथ मनाया जाता है.

एडिनबर्ग दिवाली परेड में डांसर्स का रंगारंग जुलूस निकलता है. इसमें हिंदू देवी देवता, पाइप बैंड और इस वर्ष पहली बार चाइनीज ड्रैगन व चाइनीज लायन भी रहेंगे. यह जुलूस एडिनबर्ग के हाई स्ट्रीट के सिटी चेंबर्स से शुरू होगा जिसका नेतृत्व लॉर्ड प्रोवॉस्ट देंगे. शहर के सड़कों से गुजरता हुआ प्रिंसेस स्ट्रीट गार्डेंस में थिएटर, संगीत और डांस के साथ इसका समापन होगा.

उत्सव के आयोजक हर वर्ष की भांति दिवाली की पहचान को कायम रखने के प्रति प्रतिबद्ध भी हैं. उत्सव के रंग में एडिनबर्ग रंगारंग रोशनी से घिर गया है. रोजाना ही मनमोहक संगीत कत्थक, भरतनाट्यम की ताल पर गूंजता है और शाम आतिशबाजी के साथ जगमगाने लगती है.

पिछले पांच वर्षों से एडिनबर्ग दिवाली का आयोजन वॉलंटियर्स की एक टीम कर रही है, जिसका नेतृत्व मोहिंदर ढाल, एमबीइ, दे रहे हैं. उनका कहना है कि इस वर्ष वह प्रयास कर रहे हैं कि एडिनबर्ग दिवाली के साथ अन्य विभिन्न संस्कृतियां व समुदाय भी जुड़ें. यह उत्सव सभी के लिए है. एडिनबर्ग दिवाली के पैट्रन, लॉर्ड प्रोवोस्ट फ्रैंक रॉस का कहना है कि एक बार फिर दिवाली में शहर रोशनी से झिलमिलायेगा, संगीत और नृत्य में डूब जायेगा.

एडिनबर्ग का यह अन्यतम बेहतरीन आयोजन होता है जिसका समूचा परिवार आनंद लेता है. उत्सव में फिलिपिंस लोक नृत्य, अफ्रीकन ड्रमिंग, सालसा, बेली डांसिंग, क्यूबा सिंग व और भी काफी कुछ होगा. विश्व भर से फूड स्टॉल खुल गये हैं. 27 स्कूलों के करीब 400 विद्यार्थी इसमें हिस्सा लेंगे.

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