कोलकाता : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के एक दिन बाद आज गुरुवार को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात करने पहुंची. अमित शाह के साथ मुलाकातके बाद ममता बनर्जी ने मीडिया से बातचीत में कहा कि मैंने उन्हें एक पत्र सौंपा है और कहा कि एनआरसी से 19 लाख लोग बाहर हैं, जिनमें हिंदी, असमिया और बंगाली बोलने वालों की संख्या काफी हैं.
कई असली मतदाता एनआरसी लिस्ट से बाहर हैं. जिसे गंभीरता से लिये जाने की जरूरत है. मैंने इस बारे में एक आधिकारिक पत्र उन्हें सौंपा है. इसके साथ ही ममता बनर्जी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू किए जाने पर उन्होंने (अमित शाह ने) कुछ नहीं बोला. मैंने अपना रुख साफतौर पर जाहिर कर दिया है कि पश्चिम बंगाल में एनआरसी की जरूरत नहीं है.
इससे पहले दिल्ली के तीन दिवसीय दौरे पर आईं पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की थी. प्रधानमंत्री से मुलाकात के बाद सुश्री बनर्जी ने संवाददाताओं से बातचीत करते हुए कहा था कि इसके पहले वह राज्य का नाम बदलने के मुद्दे पर पूर्व गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिल चुकी हैं.
राज्य के विरोधी दल सुश्री बनर्जी के प्रधानमंत्री और अमित शाह के मुलाकात को सीबीआइ द्वारा कोलकाता के पूर्व आयुक्त राजीव कुमार से पूछताछ करने के मामले को जोड़ कर देख रहे हैं.
लोकसभा में कांग्रेस संसदीय दल के नेता अधीर रंजन चौधरी का आरोप है कि यदि राज्य के विकास के लिए मुख्यमंत्री को मिलना था, तो वह केंद्रीय वित्त मंत्री से मिलती. केंद्रीय गृह मंत्री से मिलने का मकसद साफ है, क्योंकि उनके अधीन ही सीबीआइ काम कर रही है और ममता बनर्जी राजीव कुमार को सीबीआइ से बचाना चाहती हैं.
