दो दिन से बेटे के शव के साथ रह रही थी वृद्ध मां

कोलकाता : रॉबिनसन स्ट्रीटकांड की तर्ज पर शुक्रवार को बंद कमरे में बेटे के सड़े-गले शव के साथ एक ही बिस्तर पर उसकी मां को पाया गया. घटना नेताजी नगर थाना अंतर्गत रामगढ़ इलाके की है. शुक्रवार की रात को स्थानीय लोगों ने एक इमारत के दूसरे तल पर स्थित एक बंद कमरे से दुर्गंध […]

कोलकाता : रॉबिनसन स्ट्रीटकांड की तर्ज पर शुक्रवार को बंद कमरे में बेटे के सड़े-गले शव के साथ एक ही बिस्तर पर उसकी मां को पाया गया. घटना नेताजी नगर थाना अंतर्गत रामगढ़ इलाके की है.

शुक्रवार की रात को स्थानीय लोगों ने एक इमारत के दूसरे तल पर स्थित एक बंद कमरे से दुर्गंध आने की सूचना पुलिस को दी. मौके पर पुलिस पहुंची, तो उन्होंने एक व्यक्ति की सड़ी-गली लाश और उसकी मां को एक ही बिस्तर पर पाया. शव को एमआर बांगुड़ अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसके मृत होने की पुष्टि की.
मृतक की शिनाख्त सोमनाथ कुंडू (40) के रूप में हुई है. उनकी मां का नाम उत्तमा कुंडू (72) बताया गया है. पुलिस ने बताया कि उत्तमा लकवा की शिकार हैं. उनकी मानसिक हालत भी ठीक नहीं है. पुलिस ने जब उनसे बात की, तो उन्होंने कहा कि उनका बेटा बीमार है.
वह जल्द ठीक हो जायेगा. वृद्धा को भी एमआर बांगुड़ हॉस्पिटल ले जाया गया है. पुलिस ने बताया कि सोमनाथ की मौत करीब दो दिनों पहले हुई होगी. वे पीलिया से पीड़ित थे. कुछ वर्षों से वृद्धा वहां किरायेदार के रूप मेें रह रही हैं. पति की मौत कुछ साल पहले हो गयी थी. सोमनाथ एक निजी संस्थान में काम करते थे.
पहले भी हो चुकी हैं ऐसी घटनाएं :
महानगर में पहले भी ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जब शव के साथ परिजनों को साथ रहते पाया गया. सात जुलाई को सरसुना थाना अंतर्गत राखाल मुखर्जी रोड स्थित इमारत के एक फ्लैट से छाया चटर्जी (82) नामक एक वृद्धा सड़ी-गली लाश बरामद की गयी थी.
शव के पास उसके पति रवींद्रनाथ चटर्जी और बेटी नीलांजना चटर्जी बैठे हुए थे. इसी परिवार में पहले भी ऐसी घटना हुई थी. इसी वर्ष फरवरी महीने में उनके बेटे दीपांजन (56) की सड़ी-गली अवस्था में उसी फ्लैट से लाश बरामद की गयी थी. शव के पास मां, बाप और बहन तीनों बैठे थे.
फ्लैट से दुर्गंध आने पर पड़ोस में रहनेवाले लोगों ने पुलिस को सूचना दी थी. इसके बाद मामले का खुलासा हुआ था. कुछ वर्ष पहले रॉबिनसन स्ट्रीट में भी एक ऐसा ही वाकया पेश आया था, जहां छह माह तक अपने घर के बिस्तर पर बहन देवयानी दे और दो पालतू कुत्तों के कंकाल के साथ पार्थ दे नाम का एक इंजीनियर रहे थे. बाद में उन्होंने भी आग लगाकर अपनी जान दे दी थी. गत वर्ष अप्रैल में एक युवक अपनी मृत मां के शव को तीन साल तक डीप फ्रिजर में रखा था और लगातार पेंशन उठाया करता था.

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