कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार की अधीनस्थ सभी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अब 70 वर्ष तक अपनी सेवाएं दे पायेंगे. राज्य सरकार ने इनके रिटायर होने की आयु सीमा को 65 वर्ष से बढ़ा कर 70 वर्ष कर दिया है. इसे लेकर बुधवार को राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा में पश्चिम बंगाल विश्वविद्यालय कानून (संसोधनी) विधेयक, 2019 पेश किया.
कोलकाता : अब 70 वर्ष की उम्र तक सेवा दे पायेंगे यूनिवर्सिटी के वीसी
कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार की अधीनस्थ सभी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर अब 70 वर्ष तक अपनी सेवाएं दे पायेंगे. राज्य सरकार ने इनके रिटायर होने की आयु सीमा को 65 वर्ष से बढ़ा कर 70 वर्ष कर दिया है. इसे लेकर बुधवार को राज्य के शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने विधानसभा में पश्चिम बंगाल […]

उन्होंने कहा कि अब वाइस चांसलर 70 वर्ष तक अपने पद पर बने रह सकते हैं. उन्होंने आगे बताया कि वर्ष 2011-12 तक राज्य में 12 विश्वविद्यालय थे, जो संख्या अब बढ़ कर 30 हो गये हैं. किसी भी विश्वविद्यालय में कुलपति का पद सबसे महत्वपूर्ण होता है इसलिए उनके पास विश्वविद्यालय में एकाडेमिक के साथ-साथ प्रशासनिक नियंत्रण का भी पूरा अनुभव होना चाहिए.
ऐसे अनुभवी प्रोफेसरों को ही कुलपति बनाये रखने के लिए राज्य सरकार ने यह निर्णय लिया है. शिक्षा मंत्री द्वारा पेश किया गया यह विधेयक बुधवार को विधानसभा में पारित हो गया.
उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कलकत्ता यूनिवर्सिटी (सीयू) के दीक्षांत समारोह के दौरान घोषणा की थी विश्वविद्यालयों के वाइस चांसलर्स के रिटायर होने की अवधि को 65 वर्ष के स्थान पर 70 वर्ष किया जायेगा. इससे छात्रों को वरिष्ठ शिक्षकों के अनुभव का लाभ मिलेगा.
इसके साथ ही उन्होंने कॉलेजों के शिक्षकों के रिटायर होने की आयु भी बढ़ाने की घोषणा की थी. कॉलेज के शिक्षक अब 65 वर्ष की आयु तक अपनी सेवाएं दे पायेंगे. राज्य सरकार ने पहले कॉलेज के प्रोफेसरोंं के रिटायर होने की समय सीमा बढ़ा कर 62 की थी, जिसे अब 65 वर्ष कर दिया जायेगा.