कोलकाताः लोकसभा चुनाव 2019 तो खत्म हो गए, लेकिन पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच जारी जंग अभी थमी नहीं है.‘जय श्रीराम’ को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच दिन-प्रतिदिन राजनीतिक तकरार बढ़ती जा रही है. इधर, अब दोनों के बीच एक दूसरे के पार्टी दफ्तरों पर कब्जा करने की मारामारी शुरू हो गई है. उत्तर 24 परगना जिले में खुद ममता बनर्जी भाजपा दफ्तर का ताला तोड़ने पहुंचीं. तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का दावा है कि ये उसका दफ्तर है जिस पर भाजपा ने कब्जा कर लिया था. ये घटना 30 मई की है जब पीएम नरेंद्र मोदी अपनी कैबिनेट के साथ दिल्ली में शपथ ले रहे थे, उसी समय बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में ममता बनर्जी धरने पर थीं. नैहाटी में रैली को संबोधित करने के बाद ममता भजापा के दफ्तर पर पहुंचीं. उन्होंने अपने सामने ताले तुड़वाए. उनके आदेश पर ऑफिस से भगवा रंग और कमल का निशान हटाया गया. ममता ने अपने सामने ही सफेदी पोतवाई. इसके बाद खुद दीवार पर अपनी पार्टी का चिन्ह पेंट किया और पार्टी का नाम भी लिखा.
ममता बनर्जी ने भाजपा दफ्तर का तुड़वाया ताला, खुद पेंट किया अपनी पार्टी का नाम और निशान
कोलकाताः लोकसभा चुनाव 2019 तो खत्म हो गए, लेकिन पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी और तृणमूल कांग्रेस के बीच जारी जंग अभी थमी नहीं है.‘जय श्रीराम’ को लेकर राज्य में सत्तारूढ़ दल तृणमूल कांग्रेस और भाजपा के बीच दिन-प्रतिदिन राजनीतिक तकरार बढ़ती जा रही है. इधर, अब दोनों के बीच एक दूसरे के पार्टी […]
