चितपुर थाने की घटना
कोलकाता : चोरी के आरोप में 17 वर्षीय एक किशोर को गिरफ्तार कर उसे थाने के लॉक अप में लाकर बर्बरता से उसके साथ मारपीट करने का आरोप चितपुर थाने के पुलिस कर्मियों पर लगा है. इसकी जानकारी मिलने के बाद पीड़िता की मां ने इसकी शिकायत डीसी दफ्तर में दर्ज करायी. जिसके बाद डीसी (नॉर्थ) वास्तव बैद्य ने बताया कि मामले की जांच का निर्देश दिया गया है. इस मामले में किसी को भी दोषी पाये जाने पर उसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जायेगी.
पीड़ित किशोर की मां ज्योत्सना दास ने बताया कि दत्ताे बागान में अपने बेटे के साथ वह रहती है. गत तीन जुलाई को चितपुर थाने की पुलिस उसके घर में आयी और उसके बेटे को उठा कर साथ ले गयी. कई बार बोलने के बाद गुरुवार शाम उसे बेटे से मिलने दिया गया. मुलाकात में उसके बेटे ने उसे बताया कि थाने के लॉकअप में बिना कपड़ों के उसे रोज पीटा जाता है और कई बार तो इस दौरान पुलिस वाले उसके गुप्तांग में डंडा तक घुसा दिये. पीड़ित किशोर की बहन का आरोप है कि उसके भाई का जन्म 20 अक्तूबर 1996 को हुआ है. इस लिहाज से उसके भाई की उम्र मौजूदा समय में 18 वर्ष से कम है.
भारतीय कानून में 18 वर्ष से कम उम्र वाले किशोर को जुवैनाइल बोर्ड में पेश करने का प्रावधान है, लेकिन इस मामले में ऐसा नहीं किया गया. वहीं, थाने के प्रभारी प्रदीप कुमार दास ने विभाग के डीसी को बताया कि पाइकपाड़ा में गत एक जुलाई को हुए एक चोरी के मामले में जुड़े होने के आरोप में तीन जुलाई को आरोपी किशोर को उसके घर से गिरफ्तारी वारंट के साथ ही गिरफ्तार किया गया था. जिसके बाद अगले दिन चार जुलाई को आरोपी को सियालदह कोर्ट में पेश करने पर अदालत ने उसे 14 जुलाई तक पुलिस हिरासत में भेजा था. इसके पहले भी लालबाजार की पुलिस चोरी के मामले में इस आरोपी को गिरफ्तार कर चुकी है. आरोपी के शारीरिक गठन अच्छा होने के कारण 18 वर्ष से कम होने की जानकारी उन्हें नहीं थी. पीड़ित की मां द्वारा उसकी जन्म तिथि का सर्टिफिकेट पेश करने के बाद उसके 18 वर्ष से कम होने का खुलासा हुआ.
