कोलकाता के पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा और विधाननगर के पुलिस आयुक्त ज्ञानवंत सिंह सहित दो और आइपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश
कोलकाता के नये पुलिस आयुक्त होंगे डॉ राजेश कुमार
नटराजन रमेश बाबू होंगे विधाननगर के नये सीपी
कोलकाता : चुनाव आयोग ने कोलकाता के पुलिस आयुक्त अनुज शर्मा और विधाननगर के पुलिस आयुक्त ज्ञानवंत सिंह सहित दो और आइपीएस अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से हटाने का निर्देश जारी किया है. कोलकाता के नये पुलिस आयुक्त होंगे डॉ राजेश कुमार, जो अभी एडीजी पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड के पद पर कार्यरत हैं. इसके साथ ही नटराजन रमेश बाबू, एडीजी व आइजीपी ऑपरेशंस, विधाननगर के नये पुलिस आयुक्त होंगे.
चुनाव आयोग ने बीरभूम के पुलिस अधीक्षक का भी तबादला कर दिया है. बीरभूम के नये पुलिस अधीक्षक विधाननगर एयरपोर्ट डिवीजन के डीसी अवन्नू रवींद्रनाथ को बनाया गया है. इसके साथ ही चुनाव आयोग ने डायमंड हार्बर के पुलिस अधीक्षक का भी तबादला कर दिया है. डायमंड हार्बर के नये पुलिस अधीक्षक होंगे श्रीहरि पांडे, जो फिलहाल कोलकाता आर्म्ड पुलिस की थर्ड बटालियन के डीसी पद पर कार्यरत हैं.
उल्लेखनीय है कि इससे पहले कोलकाता पुलिस आयुक्त के पद पर राजीव कुमार को हटा दिया गया था. उनकी जगह अनुज शर्मा को कोलकाता का नया पुलिस आयुक्त बनाया गया था, लेकिन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के धरने मंच पर अनुज शर्मा की उपस्थिति पर भाजपा सहित विरोधी दलों ने चुनाव आयोग से इसकी शिकायत की थी.उस शिकायत के बाद ही अनुज शर्मा के खिलाफ यह कार्रवाई की गयी है.
इसके साथ ही विधाननगर के पुलिस आयुक्त ज्ञानवंत सिंह पर भी तृणमूल की मदद करने का आरोप है. उसी तरह से डायमंड हार्बर और बीरभूम जिला के पुलिस अधीक्षकों पर भी तृणमूल के पक्ष में काम करने के आरोप लगे थे. इसकी शिकायत चुनाव आयोग से की गयी. उसके बाद चुनाव आयोग ने यह कदम उठाया है.
चुनाव आयोग ने राज्य के मुख्य सचिव को पत्र लिख कर तत्काल प्रभाव से यह निर्देश लागू करने को कहा है. इसकी क्रियान्वयन िरपोर्ट और इन अिधकािरयों की नियुक्ति की रिपोर्ट 24 घंटे के अंदर मांगी गयी है. साथ ही हटाये गये चार अिधकािरयों को लोकसभा चुनाव से संबंधित किसी कार्य में शामिल नहीं करने को कहा गया है.
इससे पहले, तृणूमूल कांग्रेस ने चुनाव आयोग के विशेष पुलिस पर्यवेक्षक एसएस शर्मा की िनयुक्ति पर सवाल उठाया था. बीएसएफ के पूर्व डीजी श्री शर्मा पर आरएसएस समर्थित कार्यक्रम में शामिल होने का आरोप लगा था. उसके बाद चुनाव आयोग ने श्री शर्मा को विशेष पुलिस पर्यवेक्षक के पद से हटा दिया था.
उसके बाद से ही भाजपा दबाव में थी और चुनाव आयोग पर भाजपा की ओर से लगातार दबाव बनाया जा रहा था कि तृणमूल के करीबी माने जानेवाले इन अिधकारियों के िखलाफ चुनाव आयोग कार्रवाई करे.
