30 इमारतों को निगम ने खतरनाक घोषित किया

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम ने करीब 30 इमारतों को अति जर्जर घोषित किया है. निगम ने नियम 412 (ए) के तहत नोटिस जारी कर अति जर्जर घोषित किया गया है. एेसे बिल्डिंगों के बाहर खतरनाक इमारत लिखा बोर्ड लगा दिया गया है. कोलकाता नगर निगम के बिल्डिंग विभाग की ओर से यह जानकारी दी […]

कोलकाता : कोलकाता नगर निगम ने करीब 30 इमारतों को अति जर्जर घोषित किया है. निगम ने नियम 412 (ए) के तहत नोटिस जारी कर अति जर्जर घोषित किया गया है. एेसे बिल्डिंगों के बाहर खतरनाक इमारत लिखा बोर्ड लगा दिया गया है. कोलकाता नगर निगम के बिल्डिंग विभाग की ओर से यह जानकारी दी गयी है.

171 नंबर एमजी रोड तथा प्रताप चटर्जी लेन स्थित दो खतरनाक इमारतों को निगम के द्वारा ढाह दिया गया है. मकान मालिक व किरायेदारों की सहमति से यहां इमारत तैयार किया जायेगा.
विदित हो कि कोलकाता में साढ़े तीन हजार से अधिक अति जर्जर व खतरनाक इमारत हैं. इसके बावजूद उक्त इमारतों से लोग हटने के लिए तैयार नहीं हैं.
इस तरह की जर्जर इमारतों में हादसे भी हो चुके हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है. इस स्थिति को देखते हुए राज्य सरकार ने एक कानून लागू किया है, जिसके तहत इन जर्जर इमारतों के पुनर्निर्माण की जिम्मेदारी कोलकाता नगर निगम अपने हाथ में लेगा.
इस कानून के अनुसार निगम मकान मालिक आैर किरायेदारों को पुनर्निमाण के लिए राजी करेगा. दोनों के राजी नहीं होने पर निगम स्वयं किसी थर्ड पार्टी को नियुक्त कर निर्माण करायेगा. इसके लिए टेंडर जारी किया जायेगा.
निर्माण के बाद मकान मालिक व किरायेदार को उनकी जगह मिल जायेगी. नया बिल्डिंग कानून लागू तो हो गया है पर शहर के विभिन्न इलाकों में स्थित जर्जर इमारतों में रहनेवाले रुचि नहीं दिखा रहे हैं. ऐसे में अब निगम के अधिकारी खतरनाक इमारतों के मकान मालिकों के खिलाफ सख्ती से पेश आ रहे हैं.

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