कोट्टि ने की शहीदों के परिजनों की आर्थिक मदद

कोलकाता : पुलवामा के शहीदों की याद में शुक्रवार को चेंबर आॅफ टेक्सटाइल्स ट्रेड एंड इंडस्ट्री (कोट्टि) में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की ओर से डीआईजी पी मोहम्मद रफ़ीक हुसैन, 167वीं बटालियन के कमांडेंट पूर्ण सिंह धर्मशक्तु एवं डिप्टी कमांडेंट एसएस हाओकिप एवं अन्य अधिकारी व जवान […]

कोलकाता : पुलवामा के शहीदों की याद में शुक्रवार को चेंबर आॅफ टेक्सटाइल्स ट्रेड एंड इंडस्ट्री (कोट्टि) में कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की ओर से डीआईजी पी मोहम्मद रफ़ीक हुसैन, 167वीं बटालियन के कमांडेंट पूर्ण सिंह धर्मशक्तु एवं डिप्टी कमांडेंट एसएस हाओकिप एवं अन्य अधिकारी व जवान उपस्थित थे.

कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कोट्टि के अध्यक्ष अरुण भुवालका ने सभी का स्वागत करते हुए कहा कि 14 फरवरी को हुए कायराना हमले में हमारे 40 जवान शहीद हो गये थे, हम उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं.
उनके परिवार की जो अपूरणीय क्षति हुई है, उसे हम कम तो नहीं कर सकते, किंतु उनके दुःख में भागीदार अवश्य बन सकते हैं. इस अवसर पर कोट्टि द्वारा सभी 40 शहीदों के परिवारजनों को 31,000 रुपये की राशि उनके बैंक खांतों में सीधे जमा करवायी गयी.
संस्था के संयुक्त मंत्री देवेंद्र बोथरा ने कोट्टि के इतिहास की संक्षिप्त जानकारी देते हुए कहा कि इससे पहले भी कारगिल युद्ध के बाद कोट्टि द्वारा शहीदों के परिवारों को मदद की गयी थी. उस समय तत्कालीन रक्षा मंत्री जाॅर्ज फर्नांडीज स्वयं कोट्टि के कार्यक्रम में उपस्थित हुए थे.
इस मौके पर कोट्टि के पूर्व अध्यक्ष विजय कुमार बिनायकिया, मुरारी लाल खेतान, रिखब दास भंसाली भी उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में कोट्टि के मंत्री महेंद्र जैन ने धन्यवाद ज्ञापन किया. इस अवसर पर कोट्टि के उपाध्यक्ष रमेश सोंथलिया, कोषाध्यक्ष अनिल मिहारिया, देवकी नंदन तोदी, विजय सिंह जैन भी उपस्थित थे. राष्ट्र गान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ.
… जो भी करें, दिल से करें
कोलकाता : जेडी बिरला इंस्टीट्यूट डिपार्टमेंट ऑफ मैनजमेंट की ओर से शुक्रवार को स्ट्रेटजिक इंटरप्रेन्योरशिप समिट का आयोजन किया गया.
इस मौके पर ऑर्गेनिक फूड के संस्थापक व सीइओ एकता जाजू ने कहा कि जब वह स्नातक की पढ़ाई कर रही थीं, तब उन्होंने दूसरे कोर्स की पढ़ाई की मगर आगे बढ़ते-बढ़ते उनकी दिलचस्पी किसी और क्षेत्र में हो गयी.
इसलिए उन्होंने अनुरोध किया कि जो भी काम चुनें, उसको पूरे दिल से करें. पिकाडिली स्क्वायर की संस्थापक पूजा बैद ने कहा कि जहां भी जायें, वहां की पंरपरा, स्थान व व्यवसाय को पूरी बारीकी से देखें, क्योंकि घुमने से बहुत कुछ सीखने को मिलता है.
इस अवसर पर केक व पेस्ट्री की कंपनी मॉयो अमोर के सह-संस्थापक व निदेशक अर्णव बसु ने कहा कि कोई भी बिजनेस को चलाने में ग्राहक ही मुख्य भूमिका निभाते हैं. इसलिए ग्राहक की रूचि को हमेशा ध्यान में रखना चाहिए.
वाओ मोमो के संस्थापक दिनेश होमागई ने बताया कि एक आउटलेट से किस तरह उनकी कंपनी ने अपनी यात्रा आरंभ की. आज उनकी कंपनी 200 आउटलेट सफलतापूर्वक चला रही है. उन्होंने कहा अच्छी टीम के बगैर किसी भी कंपनी का विकास नहीं हो सकता है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >