कोलकाता : कलकत्ता हाईकोर्ट में एक बार फिर गर्भपात संबंधित मामला दर्ज कराया गया है. इस बार बेलियाघाटा निवासी महिला ने गर्भपात के लिए अर्जी लगायी है. जहां कोर्ट ने कहा कि अगर दंपती गर्भपात का खर्च वहन करने के लिए सहमत हो तो अदालत को आदेश देने में कोई दिक्कत नहीं है.
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान राज्य के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विश्वनाथ समद्दार ने राज्य के अतिरिक्त महाधिवक्ता अभ्रतोष मजूमदार से पूछा कि क्या जन्म के बाद राज्य सरकार मां और उसके बच्चे के स्वास्थ्य का ध्यान रखेगी. इसका जवाब देते हुए अतिरिक्त महाधिवक्ता ने कहा कि राज्य सरकार इनका कार्यभार नहीं संभालेगी.
वहीं कोर्ट ने दंपती के वकील कल्लोल बसु से पूछा कि अगर महिला का गर्भपात किसी निजी नर्सिंग होम में कराया जाये, तो क्या दंपती इसका खर्च वहन कर सकते हैं? सुनवाई के बाद हाइकोर्ट के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विश्वनाथ समद्दार और न्यायाधीश अरिंदम मुखोपाध्याय की खंडपीठ ने महिला को शुक्रवार सुबह साढ़े दस बजे तक इससे संबंधित रिपोर्ट दाखिल करने का आदेश दिया. साथ ही कहा कि सही रिपोर्ट और परिवार की सहमति होने पर अदालत को फैसला देने में कोई दिक्कत नहीं है.
