कोलकाता : महानगर के पोर्ट एरिया में कई बस्ती इलाके हैं, जहां कूड़ा-कचरा और गंदगी का अंबार लगा रहता है. ऐसी हालत में वहां रहना तो दूर, ऐसे इलाकों से गुजरना भी लोगों को जैसे रास नहीं आता हो. आखिरकार वहां युवाओं की एक टोली ने ऐसी पहल शुरू की है कि जो इलाका गंदगी से पटा हुआ नजर आता था, धीरे-धीरे वहां स्वच्छता का नजारा दिखना शुरू हो गया है.
फिलहाल इन युवाओं ने नगर निगम के वार्ड नंबर 79 के अंतर्गत आने वाले इलाकों में स्वच्छता अभियान को शुरू किया है. उनकी योजना है कि आगे वे आसपास के इलाकों को भी अपने अभियान के दायरे में लायेंगे. यानी यह कहना गलत नहीं होगा कि गंदगी से मुक्ति पाना, अब युवा वर्ग ने ठाना है.
जानकारी के अनुसार मेमोरी ऑफ मार्टिरडम ऑफ मेहता एंड मुख्तार नामक संगठन से जुड़े युवाओं ने गत 31 जनवरी से स्वच्छता अभियान शुरू किया है. युवाओं का कहना है कि वे पहले चरण के तहत फरवरी महीने तक अभियान को जारी रखेंगे. क्लीन सिटी, ग्रीन सिटी के स्लोगन के साथ हुसैन साह रोड के 13 नंबर, 27 नंबर बस्ती इलाकों में सफाई अभियान चलाया जा चुका है. साथ ही यहां लोगों को सफाई के प्रति जागरूक करने के लिये लिफलेट बांटे गये हैं.
दीवार लेखन के जरिये वृक्षारोपण को बढ़ावा देने की अपील भी की जा रही है. संगठन के महासचिव मोहम्मद सलीम का कहना है कि महानगर के कई बस्ती इलाकों में गंदगी की समस्या है. लेकिन सवाल यह है कि इसके जिम्मेदार कौन हैं? इसके जिम्मेदार आम लोग ही तो हैं. साफ-सफाई के लिये केवल प्रशासन के भरोसे बैठने से कुछ नहीं होने वाला है.
लोगों को अपने इलाके की सफाई की जिम्मेदारी खुद लेनी होगी. सफाई कार्य में अबू ताहेर, मोहम्मद फैयाज अकबर, मोहम्मद सरफराज समेत दर्जनों युवाओं की भूमिका सक्रिय है. साथ ही अभियान में इकबालपुर थाना के प्रभारी अमानुल्ला अमन और मोहम्मद इलियास इसलाही, डॉ शकील अख्तर, मोहम्मद आलम जैसे इलाके के कुछ विशिष्ट लोगों द्वारा मदद मिल रही है.
