कोलकाता : कोलकाता पुलिस ने पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के आवास पर सारधा चिटफंड मामले में पूछताछ करने गयी केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) के अधिकारियों की एक टीम को गिरफ्तार कर लिया. कोलकाता पुलिस की इस कार्रवाई को भाजपा ने संघीय व्यवस्था पर हमला बताया है.
भाजपा महासचिव व बंगाल भाजपा के प्रभारी कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि सीबीआई अधिकारियों को हिरासत में लेना संघीय व्यवस्था पर हमला है. सीबीआई के अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश के अनुसार जांच कर रहे हैं, लेकिन पुलिस न केवल कार्य में बाधा डाली है, वरन हिरासत में ले लिया है.
इधर तृणमूल कांग्रेस के सांसद और प्रवक्ता डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट करके कहा है कि भाजपा साजिश करके संवैधानिक संकट खड़ा करना चाहती है. सीबीआई के अधिकारियों ने कोलकाता के पुलिस कमीशनर का आवास घेर लिया है. ऐसा करके ये लोग संस्थान की गरिमा को खत्म करना चाह रहे हैं.
गौरतलब हो कोलकाता पुलिस ने सीबीआई के अधिकारियों को तब गिरफ्तार किया जब वे कोलकाता के पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार से सारधा चिटफंड मामले में पूछताछ करने गये थे.
जब सीबीआई की टीम पुलिस आयुक्त राजीव कुमार के आवास पर पहुंची, तो संतरियों ने बाहर रोक दिया. सीबीआई रोज वैली और सारधा चिटफंड घोटाले के मामलों के सिलसिले में कुमार से पूछताछ के मकसद से उन्हें तलाश रही है और अंतिम उपाय के तौर पर पुलिस आयुक्त को गिरफ्तार भी किया जा सकता है.
अधिकारियों ने बताया कि इन घोटालों की जांच के लिए पश्चिम बंगाल पुलिस द्वारा गठित एसआईटी की अगुवाई कर चुके आईपीएस अधिकारी कुमार से गायब दस्तावेजों और फाइलों के बाबत पूछताछ करनी है, लेकिन उन्होंने जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए जारी नोटिसों का कोई जवाब नहीं दिया है.
उन्होंने बताया कि सीबीआई की टीम जब कुमार के आवास पर पहुंची तो उसे वहां तैनात कर्मियों एवं संतरियों ने बाहर ही रोक दिया. कोलकाता पुलिस के अधिकारियों की एक टीम सीबीआई अधिकारियों से बातचीत के लिए मौके पर पहुंची और यह पता लगाने की कोशिश की कि क्या उनके पास कुमार से पूछताछ करने के लिए जरूरी दस्तावेज थे.
पश्चिम बंगाल कैडर के 1989 बैच के आईपीएस अधिकारी कुमार ने चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए पिछले दिनों कोलकाता आये चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ हुई बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया था.
रविवार को कोलकाता पुलिस ने एक बयान जारी कर उन खबरों को सिरे से खारिज किया था कि कुमार ड्यूटी से गायब हैं. पुलिस ने कहा, कृपया गौर करें कि कोलकाता के पुलिस आयुक्त न केवल शहर में उपलब्ध हैं बल्कि नियमित आधार पर दफ्तर भी आ रहे हैं.
सिर्फ 31 जनवरी 2019 को वह दफ्तर नहीं आये, क्योंकि उस दिन उन्होंने अवकाश लिया था. सभी संबंधित पक्ष कृपया गौर करें कि यदि उचित जांच के बगैर कोई खबर फैलाई जाती है तो कोलकाता पुलिस, कोलकाता के पुलिस आयुक्त एवं कोलकाता पुलिस दोनों की मानहानि के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू करेगी.
