लोस चुनाव : हर बूथ पर वीवीपैट इवीएम, अत्याधुनिक तकनीक से युक्त है वीवीपैट युक्त वोटिंग मशीन

कोलकाता : इवीएम में गड़बड़ी के कई तरह के आरोप उठने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में पारदर्शिता के लिए चुनाव आयोग ने वोटर वैरिफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) से जुड़ी इवीएम इस्तेमाल करने का फैसला किया है. गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी आरीज अाफताब ने प्रेस काॅन्फ्रेंस करके बताया कि […]

कोलकाता : इवीएम में गड़बड़ी के कई तरह के आरोप उठने के बाद 2019 के लोकसभा चुनाव में पारदर्शिता के लिए चुनाव आयोग ने वोटर वैरिफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) से जुड़ी इवीएम इस्तेमाल करने का फैसला किया है.
गुरुवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य चुनाव अधिकारी आरीज अाफताब ने प्रेस काॅन्फ्रेंस करके बताया कि इस बार सभी बूथों पर वीवीपैट वाली इवीएम का इस्तेमाल होगा. एम 3 (थर्ड जेनरेशन मशीन) ईवीएम, जिसमें वीवीपैट इनबिल्ट है. इसमें कंट्रोल यूनिट और बैलेट यनिट एक दूसरे से अटैच है.
गुरुवार को इस वीवीपैट मशीन के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए एक प्रदर्शनी शिविर का आयोजन किया गया. मशीन की हर बारीकियों के बारे में जानकारी दी गयी.
मौके पर उन्होंने कहा कि इसी तरह से जिले और ब्लाक स्तर पर भी जागरूक कैम्प के जरिए लोगों को इसके बारे में जानकारी दी जायेगी. उन्होंने बताया कि यह मशीन अत्याधुनिक तकनीक से लैस है. पहले जिस तरह से किसी भी तरह से गड़बड़ी अधिक गर्मी के दिनों में भी मशीन में किसी तरह की कोई खामी नहीं आयेगी.
7 सेकेंड के अंदर निकलेगा एटीएम की तरह पर्चा
आरीज अाफताब ने बताया कि मतदाता कई बार वोट डालते है लेकिन उनका वोट पड़ा या नहीं. इसका ठीक वह समझ भी नहीं पाते थे लेकिन वीवीपैट मशीन के इस्तेमाल से मतदाता के वोट डालते ही सात सेकेंड के अंदर ही एक पर्चा निकलेगा लेकिन वह निकलने के बाद अंदर उसी वक्त बाक्स में जमा हो जायेगा. यह पर्चा एटीएम की तरह निकलेगा.
2016 में 22 जगहों पर हुआ था इस्तेमाल
उन्होंने बताया कि पिछले विधानसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल में करीब 22 जगहों पर मतदान केंद्रों पर इस मशीन का इस्तेमाल किया गया था लेकिन अब इसे सभी जगहों पर सभी बूथों में इस्तेमाल किया जायेगा.
क्या है वीवीपैट मशीन
एक एक अत्याधुनिक मशीन, जिससे उस पार्टी के चुनाव चिन्ह वाली पर्ची निकलती है, जिसे मतदान ने वोट दिया होता है. यह कंट्रोल यूनिट और विभिन्न पार्टी के चिन्ह वाले बैलेट यूनिट मशीन अर्थात इलेक्ट्राॉनिक वोटिंग मशीन से जुड़ी होती है. जब मतदाता कंट्रोल यूनिट के चालू होने के बाद जैसे ही अपना वोट पार्टी के चिन्हों वाले इवीएम मशीन में बटन दबाकर देते है, तो सात सेकेंड के अंदर वीवीपैट मशीन सुनिश्चित करती है कि वोट उसी उम्मीदवार को गया है, जिसे मतदाता ने वोट दिया.
तुरंत एक पर्ची वीवीपैट से निकलती है और एक बाक्स में गिरती है. मतदाता उसे अपने घर नहीं ले सकता है. सिर्फ वह उस पर्ची को मशीन के उपर से ही देख सकते है और फिर वह वीवीपैट मशीन के अंदर ही लगे बाॅक्स में गिरकर जमा हो जाती है.

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