कोलकाता : कारोबारी सुगमता को बढ़ावा देने में पश्चिम बंगाल अव्वल

कोलकाता : नौकरशाही नियमों पर संचालित होती है, जिसमें नियमों का पालन ही जरुरी प्रक्रिया होती है. आनेवाला समय स्व प्रमाणन की बजाय स्व मूल्यांकन का होगा, जिसके कारण नियंत्रण के शासन का स्थान नियमन के शासन ने ले लिया है. पश्चिम बंगाल इसी तर्ज पर कारोबारी सुगमता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ […]

कोलकाता : नौकरशाही नियमों पर संचालित होती है, जिसमें नियमों का पालन ही जरुरी प्रक्रिया होती है. आनेवाला समय स्व प्रमाणन की बजाय स्व मूल्यांकन का होगा, जिसके कारण नियंत्रण के शासन का स्थान नियमन के शासन ने ले लिया है. पश्चिम बंगाल इसी तर्ज पर कारोबारी सुगमता के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है.
ये बातें राज्य के वाणिज्य, उद्योग व उद्यमिता विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव तथा प्रशानिक प्रशिक्षण संस्थान के महानिदेशक डॉ संजीव चोपड़ा ने कही.
वह उद्योग परिसंघ सीआइआइ व सुरेश नेवटिया सेंटर आॅफ एक्सीलेंस की ओर से प्रथम पीढ़ी के उद्यमियों के लिए आयोजित लीडरशिप कॉन्क्लेव में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था बदलाव के अहम दौर से गुजर रही है. पुराने नियमों में बदलाव इसी प्रक्रिया का हिस्सा है. सरकारें उद्योग जगत से सीधे संवाद कर माकुल बदलाव कर रही है.
श्री चोपड़ा ने कहा कि देश के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में बंगाल चौथे स्थान पर है. पैटन समूह के प्रबंध निदेशक संजय बुधिया ने कहा कि पश्चिम बंगाल सरकार की आेर से उद्यमियों को पूरी सहायता प्रदान की जा रही है, जिसकी वजह से राज्य में उद्योगों के विकास की रफ्तार तेजी से जारी है.
अंबुजा नेवटिया समूह के चेयरमैन हर्षवर्धन नेवटिया ने कहा कि आर्थिक विकास के लिए उद्यमिता को प्रोत्साहित करने की जरूरत है. इस मौके पर डब्लूबीआइडीसी की चेयरमैन आइएएस वंदना यादव, हैपीएस्ट माइंड टेक्नोलाजी के कार्यकारी चेयरमैन अशोक सुता, बीएसइ एसएमई के प्रमुख अजय ठाकुर आदि उपस्थित थे.

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