WB Election 2026 Phase 1 Campaign: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के पहले चरण के लिए चल रहा तूफानी चुनाव प्रचार मंगलवार शाम छह बजे थम गया. अब उम्मीदवारों का जोर ‘डोर-टू-डोर’ कैंपेन पर है. उत्तर बंगाल के 152 निर्वाचन क्षेत्रों और दक्षिण बंगाल के कई महत्वपूर्ण जिलों में 23 अप्रैल को सुबह से मतदान शुरू होगा.
एसआईआर और खान-पान पर केंद्रित रहा प्रचार
इस बार लड़ाई सिर्फ सत्ता की नहीं, बल्कि बंगाल की ‘अस्मिता और संस्कृति’ के दावों के बीच फंसी है. प्रचार के आखिरी दिनों में मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और खान-पान की आदतें भाजपा और तृणमूल के बीच तीखी बहस का केंद्र बनी रहीं.
सुरक्षा का अभूतपूर्व घेरा, 2.5 लाख जवानों का पहरा
शांतिपूर्ण मतदान सुनिश्चित करने के लिए निर्वाचन आयोग ने अब तक की सबसे बड़ी तैनाती की है. केंद्रीय बलों की रिकॉर्ड 2,450 कंपनियों को मैदान में उतारा गया है. इनमें करीब 2.5 लाख जवान शामिल हैं. पहले चरण के 8,000 से अधिक मतदान केंद्रों को ‘अत्यधिक संवेदनशील’ घोषित किया गया है. किसी भी अप्रिय घटना से निपटने के लिए 2,193 त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (QRT) और निगरानी टीमें 24 घंटे सक्रिय रहेंगी.
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WB Election 2026: बंगाल के हाई अलर्ट जिले
- मालदा
- मुर्शिदाबाद
- उत्तर दिनाजपुर
- कूचबिहार
- बीरभूम
- बर्धमान
3.60 करोड़ लोग करेंगे फैसला
इस चरण में मतदाताओं की संख्या और विविधता बंगाल के राजनीतिक भविष्य की दिशा तय करेगी. पहले चरण में 3.60 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे. इनमें लगभग 1.84 करोड़ पुरुष, 1.75 करोड़ महिला और 465 उभयलिंगी मतदाता शामिल हैं.
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दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
23 अप्रैल की वोटिंग कई कद्दावर नेताओं का सियासी भविष्य तय करेगी. इस चरण के प्रमुख उम्मीदवारों के नाम इस प्रकार हैं.
- शुभेंदु अधिकारी (भाजपा): नंदीग्राम सीट से विपक्ष के नेता.
- अधीर रंजन चौधरी (कांग्रेस): बहरमपुर सीट से दिग्गज नेता.
- निशीथ प्रमाणिक (भाजपा): माथाभांगा से पूर्व केंद्रीय मंत्री.
- उदयन गुहा (तृणमूल कांग्रेस): दिनहाटा से चुनाव लड़ रहे राज्य के मंत्री.
- गौतम देब (तृणमूल कांग्रेस): सिलीगुड़ी सीट से मैदान में हैं.
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पोलिंग पार्टी को बूथ तक पहुंचाने की चुनौती
प्रचार खत्म होने के बाद अब प्रशासन की प्राथमिकता हर बूथ तक पोलिंग पार्टियों को सुरक्षित पहुंचाना है. राज्य की जनता अब खामोशी से अपना फैसला सुनाने को तैयार है, जिसकी गूंज 4 मई को होने वाली मतगणना में सुनाई देगी.
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