नंदीग्राम में वोटिंग से 48 घंटे पहले चुनाव आयोग का बड़ा एक्शन, पुलिस पर्यवेक्षक हटाये गये

Nandigram Police Observer Changed: नंदीग्राम में वोटिंग से पहले निर्वाचन आयोग ने पुलिस पर्यवेक्षक को बदल दिया है. टीएमसी ने पुलिस पर पक्षपात का आरोप लगाया था. जानें क्या है पूरा मामला और कौन हैं नये पर्यवेक्षक अखिलेश सिंह.

Nandigram Police Observer Changed: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी क्षेत्र नंदीग्राम में मतदान से महज 2 दिन पहले बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है. मंगलवार को निर्वाचन आयोग (ECI) ने नंदीग्राम के पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observer) को तत्काल प्रभाव से बदल दिया.

निष्पक्ष चुनाव की दिशा में आयोग का कड़ा कदम

आयोग के इस फैसले को नंदीग्राम में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हितेश चौधरी की जगह अब अखिलेश सिंह को नंदीग्राम का नया पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.

TMC की शिकायत पर गिरी गाज

यह कार्रवाई सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा लगाये गये गंभीर आरोपों के बाद की गयी है. सोमवार को टीएमसी ने पुलिस पर्यवेक्षक को एक पत्र लिखा था. इसमें आरोप लगाया गया था कि नंदीग्राम पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (IC) भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं.

बंगाल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का लगा था आरोप

टीएमसी का आरोप था कि उसके कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा सदस्यों के खिलाफ दर्ज शिकायतों पर स्थानीय पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है. सत्तारूढ़ दल ने आयोग से इस मामले में तुरंत दखल देने का आग्रह किया था. इसके बाद इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पर्यवेक्षक बदलने का निर्णय लिया.

इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026: नंदीग्राम से दिनहाटा तक वो स्विंग सीटें जो तय करेंगी अगली सरकार

Nandigram Police Observer Changed: सुरक्षा व्यवस्था पर आयोग की पैनी नजर

नंदीग्राम पूर्व मेदिनीपुर जिले की वह सीट है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं. निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव के लिए कुल 84 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किये हैं, जो कानून-व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं.

  • तीसरी बार बदलाव : यह पहली बार नहीं है, जब आयोग ने पर्यवेक्षक बदले हैं. इससे पहले मालदा और जंगीपुर में भी चुनावी अधिकारियों में फेरबदल किया जा चुका है.
  • कानून-व्यवस्था सर्वोच्च : आयोग के सूत्रों का कहना है कि मतदान से पहले किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.

इसे भी पढ़ें : बंगाल चुनाव 2026 में ‘झूठ’ का सहारा ले रही TMC? SIR को NRC बताकर डराने और ‘फिश बैन’ की अफवाह का आरोप

4 मई को आयेंगे नतीजे

पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए 2 चरणों में चुनाव हो रहे हैं. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को है, जिसमें नंदीग्राम जैसी संवेदनशील सीटें शामिल हैं. इसके बाद 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग होगी और 4 मई को चुनावी नतीजों की घोषणा की जायेगी. नंदीग्राम में पुलिस पर्यवेक्षक का बदला जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.

इसे भी पढ़ें

चुनाव आयोग का सोशल मीडिया पर डिजिटल स्ट्राइक! फेक AI कंटेंट पर एक्शन, 11 हजार से ज्यादा पोस्ट हटाये

बंगाल चुनाव के दूसरे चरण में 22 प्रतिशत उम्मीदवार करोड़पति, 295 पर ‘गंभीर’ क्रिमिनल केस, ADR रिपोर्ट में खुलासा

नंदीग्राम की जंग का पूरा हिसाब : एक-एक वोट के लिए ममता बनर्जी और शुभेंदु अधिकारी ने कितना बहाया पैसा?

नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी का बड़ा दांव, TMC उम्मीदवार पवित्र कर के खिलाफ FIR दर्ज, भाजपा में रहते चुनाव लड़ने का आरोप

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >