खास बातें
Nandigram Police Observer Changed: बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के सबसे हाई-प्रोफाइल चुनावी क्षेत्र नंदीग्राम में मतदान से महज 2 दिन पहले बड़ी प्रशासनिक कार्रवाई हुई है. मंगलवार को निर्वाचन आयोग (ECI) ने नंदीग्राम के पुलिस पर्यवेक्षक (Police Observer) को तत्काल प्रभाव से बदल दिया.
निष्पक्ष चुनाव की दिशा में आयोग का कड़ा कदम
आयोग के इस फैसले को नंदीग्राम में निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा कदम माना जा रहा है. आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हितेश चौधरी की जगह अब अखिलेश सिंह को नंदीग्राम का नया पुलिस पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है.
TMC की शिकायत पर गिरी गाज
यह कार्रवाई सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) द्वारा लगाये गये गंभीर आरोपों के बाद की गयी है. सोमवार को टीएमसी ने पुलिस पर्यवेक्षक को एक पत्र लिखा था. इसमें आरोप लगाया गया था कि नंदीग्राम पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी (IC) भाजपा के पक्ष में काम कर रहे हैं.
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पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का लगा था आरोप
टीएमसी का आरोप था कि उसके कार्यकर्ताओं द्वारा भाजपा सदस्यों के खिलाफ दर्ज शिकायतों पर स्थानीय पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है. सत्तारूढ़ दल ने आयोग से इस मामले में तुरंत दखल देने का आग्रह किया था. इसके बाद इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया ने शिकायत की गंभीरता को देखते हुए पर्यवेक्षक बदलने का निर्णय लिया.
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Nandigram Police Observer Changed: सुरक्षा व्यवस्था पर आयोग की पैनी नजर
नंदीग्राम पूर्व मेदिनीपुर जिले की वह सीट है, जिस पर पूरे देश की निगाहें टिकी हैं. निर्वाचन आयोग ने बंगाल चुनाव के लिए कुल 84 पुलिस पर्यवेक्षक तैनात किये हैं, जो कानून-व्यवस्था पर नजर रख रहे हैं.
- तीसरी बार बदलाव : यह पहली बार नहीं है, जब आयोग ने पर्यवेक्षक बदले हैं. इससे पहले मालदा और जंगीपुर में भी चुनावी अधिकारियों में फेरबदल किया जा चुका है.
- कानून-व्यवस्था सर्वोच्च : आयोग के सूत्रों का कहना है कि मतदान से पहले किसी भी तरह की पक्षपातपूर्ण गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जायेगा.
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4 मई को आयेंगे नतीजे
पश्चिम बंगाल की 294 सीटों के लिए 2 चरणों में चुनाव हो रहे हैं. पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को है, जिसमें नंदीग्राम जैसी संवेदनशील सीटें शामिल हैं. इसके बाद 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग होगी और 4 मई को चुनावी नतीजों की घोषणा की जायेगी. नंदीग्राम में पुलिस पर्यवेक्षक का बदला जाना राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है.
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