कोलकाता : राज्य के खाद्य मंत्री ज्योतिप्रिय मल्लिक ने रविवार को कहा कि 2021 तक पश्चिम बंगाल में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं होगा, जिसका खुद का घर न हो. बंगाल के हर गरीब के पास अपना घर होगा. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी चाहती हैं कि राज्य के हर व्यक्ति का अपना घर हो और उनका यह सपना जल्द ही पूरा होगा.
उत्तर 24 परगना जिले के हाबरा के देशबंधु पार्क में एक कार्यक्रम में हाउस फॉर ऑल योजना के तहत गृह निर्माण कार्य पूरा होने पर लाभार्थियों को उनका सर्टिफिकेट सौंपा गया. मौके पर श्री मल्लिक ने कहा कि हाबरा में फिलहाल 1500 गरीबों के लिए घर तैयार हो गये हैं. उन्हें आज उनका सर्टिफिकेट दिया गया. और भी लोगों को उनके घर सौंपे जायेंगे.
जल्द ही हाबरा के और 16 हजार लोगों को इसका लाभ मिलेगा. उन्होंने कहा केंद्र सरकार ने धीरे-धीरे अपनी सारी योजनाओं के तहत बंगाल को रुपये देना बंद कर दिया है. हाउस फॉर ऑल योजना 2014 में शुरू की गयी और 2015 में ही बंगाल को रुपये देना बंद कर दिया गया. लेकिन बंगाल में किसी भी योजना से कोई वंचित न हो, इसलिए ममता बनर्जी की सरकार गरीबों को खुद मदद कर रही हैं. आइसीडीएस योजना के तहत भी केंद्र सरकार ने रुपये देना बंद कर चुकी है.
70 प्रतिशत चावल देने की बात कर अब वह भी नहीं दे रही है. ऐसे में राज्य सरकार खुद योजना के तहत लोगों को लाभ पहुंचा रही है. इस योजना के तहत तीन लाख 43 हजार रुपये सरकार दे रही है और 25 हजार सिर्फ लाभार्थियों को देना पड़ रहा है. सारे रुपये सीधे लाभार्थियों के खाते में जाते हैं. उन्होंने कहा कि वर्ष 2018-19 में इस योजना से लाभान्वित होने वाले एक हजार लोगों का पहले बैंक अकाउंट खुलवाया गया. जल्द ही उनके खाते में भी रुपये चले जायेंगे. फिर काम शुरू हो जायेगा. उन्होंने कहा कि दो और छह अक्तूबर को दो कार्यक्रम आयोजित होंगे.
हाबरा में मेधाश्री के तहत 120 होंगे लाभान्वित
उन्होंने कहा कि जल्द ही हाबरा नगरपालिका के अंतर्गत मेधाश्री योजना के तहत 120 मेधावी लाभान्वित होंगे, जिनके घर में बहुत ज्यादा गरीबी है और वे पढ़ नहीं पा रहे हैं. ऐसे बच्चों को चयन किया जायेगा. हाबरा नगरपालिका के प्रत्येक वार्ड से पांच मेधावी बच्चों का चयन होगा. फिर कुल वार्ड से मिलाकर 120 बच्चों को इस लाभ में जोड़ा जायेगा और उन्हें प्रत्येक माह पांच सौ रुपये मदद दी जायेगी. फिर धीरे-धीरे हर साल बच्चों की संख्या बढ़ती जायेगी.
