कोलकाता : पश्चिम बंगाल की दुर्गा पूजा विश्व प्रसिद्ध है. हर साल अलग-अलग थीम पर बनाए जाने वाले दुर्गा पूजा पंडाल लोगों का ध्यान खींचते हैं. एक पंडाल अभी से चर्चा का विषय बन गया है. कोलकाता के बेहाला में यह पंडाल होमोसेक्सुअलिटी की थीम पर बनाया गया है. इस पंडाल में ग्लूकोजे के बोतल, ट्यूब और पट्टियों का इस्तेमाल करके ट्रांसजेंडर समुदाय की दुर्दशा और दिक्कतों को दर्शाया जायेगा.
इस पंडाल में यह भी दिखाने की कोशिश की जाएगी कि समाज ने होमोसेक्शुअल और ट्रांसजेंडर समुदाय को अबतक किस प्रकार की मानसिक तकलीफ दी है. पंडाल तैयार कर रही उपासना चटर्जी कहती हैं : यह समुदाय लंबे समये से अंधेरे में था, हम इन्हें आगे लाने के लिए काम करना चाहते हैं. पंडाल में रखी जाने वाली दुर्गा की मूर्ति में एलजीबीटी समुदाय के इंद्रधनुषी रंगों का इस्तेमाल किया जायेगा.
उपासना आगे कहती हैं : दुर्गा की गोद में गणेश को बिठाया जायेगा. जब गणेश के सिर पर हाथी का सिर रखा गया था तो सबको लगा था कि उन्हें अलग किया जाएगा लेकिन उन्हें स्वीकार किया गया. हम चाहते हैं कि इसी तरह इस समुदाय को भी स्वीकार किया जाये और उन्हें अलग न रखा जाये.
ऐसे ही एक और पंडाल को बनाने की जिम्मेदारी ट्रासंजेंडर श्री घाटक और उनके त्रई फाउंडेशन को सौंपी गयी है. श्री और उनकी टीम पंडाल से लेकर साड़ी तक की डिजाइनिंग करेगी. इस दुर्गा पूजा की थीम ‘दुर्गा किचन’ है. पूजा में श्री खुद भी डांस परफॉर्मेंस देंगी. पूजा के आयोजन सोमनाथ दास इस बारे में कहते हैं : हमारे लिए श्री या उनके जैसे और लोग अलग नहीं हैं.
