150 थोक दवा की दुकानें खुलीं, बिक्री रही फीकी

कोलकाता : बागड़ी मार्केट की आग से सहमे मेहता बिल्डिंग के व्यवसायियों ने मंगलवार को ग्राउंड फ्लोर की लगभग सभी दुकानें खोल दी गयीं. ग्राउंड प्लोर में लगभग 150-200 दवा की दुकानें हैं, हालांकि उनकी बिक्री फीकी रही. जहां रोजाना पहले दवा दुकानों के पास खड़ा होने की जगह नहीं मिलती थी, वहां मंगलवार को […]

कोलकाता : बागड़ी मार्केट की आग से सहमे मेहता बिल्डिंग के व्यवसायियों ने मंगलवार को ग्राउंड फ्लोर की लगभग सभी दुकानें खोल दी गयीं. ग्राउंड प्लोर में लगभग 150-200 दवा की दुकानें हैं, हालांकि उनकी बिक्री फीकी रही. जहां रोजाना पहले दवा दुकानों के पास खड़ा होने की जगह नहीं मिलती थी, वहां मंगलवार को कुछेक ग्राहक ही नजर आये.
सोमवार को दवा दुकानें बंद रहने से इस मार्केट को करोड़ों का नुकसान हुआ है. मेहता बिल्डिंग बंगाल ही नहीं, बल्कि एशिया का सबसे बड़ा दवा मार्केट के तौर पर मशहूर है. मेहता बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर में स्थित एसए नंदा मेडिकल दुकान के एक व्यवसायी गोविंद राय चौधरी ने बताया कि अन्य दिनों की तुलना में बिक्री एकदम नहीं के बराबर है. 30 प्रतिशत ही बिक्री है. कई जगह इलेक्ट्रिक नहीं है, तो ऊपर की सारी दुकानें अभी भी बंद हैं. आग की घटना की वजह से ही दवा खरीदार आ भी नहीं रहे हैं.
दुकानदार मनोरंजन बर्मन ने बताया कि रोजाना की तरह बिक्री नहीं है. ग्राहक फोन करके खबर ले रहे हैं कि क्या स्थिति है. अभी कुछ दिनों तक इसका असर रहेगा. धीरे-धीरे व्यवसाय पटरी पर लौटेगा. इधर बताया जा रहा है कि बिल्डिंग की अन्य दुकानें भी बागड़ी मार्केट की आग की स्थिति सामान्य होते ही जल्द ही खुलने की उम्मीद है. मालूम हो कि इस मेहता बिल्डिंग में लगभग 600 के करीब होलसेल दवा की दुकानें हैं. रोजाना करोड़ों रुपये की दवाओं की बिक्री होती है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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