कोलकाता : कोलकाता के सबसे भीड़-भाड़ वाले इलाके में स्थित प्रतिष्ठित बाजार बागड़ी मार्केट में आग लगने की घटना के बाद एक बार फिर कयासों का सिलसिला शुरू हो गया है. एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया है. दमकल विभाग भी जोर-शोर से यह पता लगाने की कोशिश में है कि आखिर आग कहां से लगी, लेकिन इसी बीच मकान के एक दरवाना सत्यप्रकाश पांडेय (फुनू) ने दावा किया है कि आग बिल्डिंग में नहीं, बल्कि बागड़ी मार्केट के ई ब्लॉक के पूर्वी कॉर्नर के सामने फुटपाथ पर स्थित एक डाले में लगी थी, जहां से वह फैल गयी.
प्रभात खबर से बातचीत में बागड़ी मार्केट के दरवान सत्यप्रकाश ने बताया कि आग रात 1.30 से 1.45 बजे के मध्य सबसे पहले कैनिंग स्ट्रीट की तरफ स्थित बागड़ी मार्केट के ई-ब्लॉक में लगी. उसने बताया कि यह आग बागड़ी मार्केट की किसी दुकान में नहीं लगी, बल्कि आग बिल्डिंग के ग्राउंड फ्लोर के सामने फुटपाथ पर लगे एक डाले में लगी थी. वह आग धीर-धीरे बिल्डिंग के पूर्वी कॉर्नल पर ग्राउंड फ्लोर पर स्थित कॉस्मेटिक की सिटी गोल्ड की दुकान को अपनी चपेट में ली.
यह दुकान कासिम भाई की है. उसके बाद आग तेजी से पूूरे मकान में फैलती गयी. सत्यप्रकाश बताते हैं कि आग लगने के बाद सबसे पहले दमदल विभाग को उनके एक सहकर्मी प्रदीप सिंह ने बुलाया. फोन करने के 30 से 35 मिनट के अंदर दमकल का एक इंजन बागड़ी मार्केट के पास पहुंचा था.
उन्होंने बताया कि बागड़ी स्टेट द्वारा बिल्डिंग की सुरक्षा के लिए 12 दरवानों और विद्युत सेवा के लिए कुछ इलेक्ट्रिशियन रखे गये हैं. चूंकि दरवानों की ड्यूटी 24 घंटे होती है, लिहाजा कुछ दरवान अपने परिवार के साथ मकान की छप पर रहते हैं. दरवान और उनके परिवारवालों को मिलाकर कुल 20 व्यक्ति छत पर बने सर्वेंट क्वाटर्स में रहते हैं. सत्यप्रकाश बताते हैं कि ग्राउंड फ्लोर से लेकर पांचवीं मंजिल तक व्यवसायियों के ऑफिस व दुकानें हैं. पूरी बिल्डिंग में लगभग 12 से 13 सौ दुकान और ऑफिस हैं.
सत्यप्रकाश बताते हैं कि आग लगने के बाद दरवानों ने आग बुझाने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैली और फायर मोटर रूप में भी लग गयी, लिहाजा फायरवाला मोटर स्टार्ट नहीं हो पाया.
