प्रभात खबर के रोड शो के दौरान बोले पाठक
कोलकाता : ब्लू व्हेल के बाद अब मोमो का आंतक अभिभावकों के लिए खौफ बना हुआ है. इसके लिए स्मार्टफोन सबसे अधिक जिम्मेदार है.
पहले भी कंप्यूटर व इंटरनेट की वजह से बच्चों में गेम के प्रति आकर्षण बढ़ा था. जिस तरह से नयी पीढ़ी इस आदत की शिकार होती जा रही है, उससे इस पर अंकुश लगाना जरूरी हो गया है. प्रभात खबर की ओर से खतरनाक ऑनलाइन गेमों से बच्चों को कैसे बचाया जाए विषय पर राय ली गयी. प्रस्तुत है इसी बातचीत के प्रमुख अंश.
दलजीत कौर मान ने कहा कि इसके लिए अभिभावकों को जागरुक होने की जरुरत है. खासकर बच्चों को इससे दूर रखने के लिए उन्हें आउटडोर खेलकूद के प्रति उत्साह पैदा करने की आवश्यकता है. मनोज जायसवाल ने कहा कि ब्लू व्हेल की वजह से ऑनलाइन गेम के प्रति लाेगों के नजरिया बदला है. अरबाज खान ने बताया कि लोगों में अभी भी जागरूकता की कमी है.
जिसकी वजह से ऑनलाइन गेम से बच्चों की प्रवृति बदली है. शहबाज खान भी इस राय से इत्तफाक रखते हैं. रवि कुमार बताते हैं कि माता पिता को बच्चों की अभिरूचि के प्रति ध्यान रखने की जरुरत है. विनाेद गुप्ता बताते हैं कि ऑनलाइन गेम के प्रति बच्चों का रूझान बढ़ा है. जिस पर अभिभावकों को जागरूक होना होगा. गौरव तिवारी कहते हैं कि हर चीज का दोनों पक्ष होता है. हमें केवल नकारात्मक पक्ष पर ही ध्यान देने की जरूरत नहीं है.
रमाशंकर तिवारी बताते हैं कि केवल जागरूकता से ही कुछ नहीं होगा. इसके लिए स्मार्टफोन जिम्मेदार नहीं बल्कि हमारी सोच जिम्मेदार है. मोहम्मद निराले अली ने बताया कि समय के साथ अभिरुचि बदली है. पर हमें इस बदलाव के हानिकारक प्रभाव से बचना होगा.
