कोलकाता : आमडांगा थाना घेराव के दौरान पुलिस और माकपा समर्थकों में हुई धक्का-मुक्की, हंगामा

समर्थकों को रोकने पहुंची पुलिस के साथ हुआ विवाद काफी देर तक जाम रही सड़क कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के आमडांगा में हुई राजनीतिक हिंसा में गिरफ्तार माकपा समर्थकों की रिहाई की मांग करते हुए सोमवार को जिला माकपा की ओर से आमडांगा थाना घेराव किया गया. घेराव से पूर्व ही समर्थकों को […]

समर्थकों को रोकने पहुंची पुलिस के साथ हुआ विवाद
काफी देर तक जाम रही सड़क
कोलकाता : उत्तर 24 परगना जिले के आमडांगा में हुई राजनीतिक हिंसा में गिरफ्तार माकपा समर्थकों की रिहाई की मांग करते हुए सोमवार को जिला माकपा की ओर से आमडांगा थाना घेराव किया गया.
घेराव से पूर्व ही समर्थकों को पुलिस ने रोकने की कोशिश की, इसी दौरान माकपा समर्थकों और पुलिस के संग धक्का-मुक्की हुई. गुस्साये माकपा समर्थकों ने जोरदार हंगामा करते हुए रास्ता अवरोध कर दिया. इस वजह से आमडांगा थाने से सटी राष्ट्रीय राजमार्ग भी जाम रही. बाद में पुलिस की तत्परता दिखाते हुए अवरोध हटाया.
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को जिला माकपा की ओर से आमडांगा थाना घेराव के लिए काफी संख्या में माकपा समर्थक संतोषपुर और अलावा सिद्धी मोड़ से थाना की ओर रवाना हुए. इस दौरान रास्ते में ही पुलिस की हाबरा के पूर्व माकपा विधायक प्रणव भट्टाचार्य सहित अन्य नेताओं संग धक्का-मुक्की हुई. वहीं संतोषपुर मोड़ के पास भी पुलिस ने रोकने की कोशिश की तो धक्का मुक्की हुई. इस दौरान माकपा नेताओं का आरोप है कि तृणमूल के इशारे पर पुलिस सिर्फ माकपा समर्थकों को गिरफ्तार कर रही है.
मालूम हो कि पंचायत बोर्ड गठन को लेकर आमडांगा में हुई राजनीतिक हिंसा में दो तृणमूल कर्मी और एक माकपा कर्मी की मौत हुई है साथ ही दर्जनों लोग दोनों दल के जख्मी हुए. इस मामले में एक के बाद एककरके पुलिस ने अभियान चलाकर अब तक 24 लोगों को गिरफ्तार किया है.
तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम कर रही पुलिस : मोहम्मद सलीम
माकपा के वरिष्ठ नेता व सांसद मोहम्मद सलीम ने कहा कि आमडांगा में हुई हिंसा में तृणमूल समर्थक की हत्या तृणमूल कांग्रेस ने ही किया. तृणमूल के ही एक गुट दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं, लेकिन पुलिस तृणमूल कांग्रेस के इशारे पर काम कर रही है. माकपा समर्थकों को जानबूझ कर गिरफ्तार किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि तृणमूल सरकार के शासन में विरोधियों को आंदोलन का अधिकार भी नहीं है. तृणमूल पुलिस का इस्तेमाल कर गुंडागर्दी कर रही है.
माकपा नेताओं का आरोप है कि पुलिस आमडांगा की घटना में सिर्फ माकपा समर्थकों को ही गिरफ्तार कर रही है. उन माकपा समर्थकों की ही रिहाई की मांग को लेकर ही थाने को ज्ञापन देने के लिए आमडांगा थाना, एसपी और डीएम सभी को अग्रिम सूचित करते हुए अनुमति के लिए पत्र दिया गया था लेकिन रविवार की रात को सिर्फ यह सूचित किया गया कि ज्ञापन नहीं दे सकते हैं.
यह सब पुलिस तृणमूल के इशारे पर कर रही है. ज्ञापन नहीं दे सकते हैं लेकिन सभा करने के लिए जब माकपा समर्थक जमा हुए थे तब भी पुलिस ने माकपा समर्थकों को बाधा देते हुए रोका.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >