कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को 1959 के खड़िया आंदोलन के शहीदों को याद किया और कहा कि उनकी सरकार राज्य की 90 फीसदी आबादी को ‘खाद्य साथी’ योजना के जरिए खाद्य सुरक्षा प्रदान कर रही है. सुश्री बनर्जी ने ट्वीट किया कि 1959 के खाद्य आंदोलन के शहीदों को याद कर रही हूं.
हम खाद्य योजना के जरिए राज्य की 90 फीसदी आबादी को खाद्य सुरक्षा प्रदान कर रहे हैं. इसके तहत लाभार्थियों को दो रुपये प्रति किलोग्राम या बाजार से आधे दाम पर अनाज मुहैया कराया जा रहा है.” पश्चिम बंगाल में 1958 के अंतिम महीने में अविभाजित भाकपा और अन्य वामपंथी समूहों ने खाद्य संकट के विरोध में आंदोलन शुरू किया था. यह खाद्य आंदोलन 1959 में अपने चरम पर पहुंच गया था. इसी साल किसान और महिलाओं सहित कई प्रदर्शनकारियों की मौत पुलिस की गोलीबारी में मौत हो गयी थी.
किसानों के अधिकार की रक्षा के लिए राष्ट्रीय किसान रैली का होगा आयोजन
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अपने ‘किसान हितैषी’ छवि को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना चाहती हैं. उनके नेतृत्व में किये गये सिंगूर व नंदीग्राम आंदोलन को वह देश में पहुंचाना चाहती हैं कि कैसे उन्होंने जमीन अधिग्रहण के खिलाफ आंदोलन कर जीत हासिल की है. साथ ही मोदी सरकार के कार्यकाल में किसानों को कितना नुकसान हुआ है, लोगों को इससे अवगत कराने के लिए वह राष्ट्रीय किसान रैली आयोजित करेंगी.
इसके साथ ही बंगाल के किसानों को राज्य सरकार द्वारा शुरू किये गये योजनाओं की जानकारी भी वह राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना चाहती हैं. हालांकि, अब तक रैली के लिए जगह तय नहीं की गयी है, लेकिन इतना तो स्पष्ट है कि इसके जरिये वह राष्ट्रीय स्तर पर किसानों के प्रति हमदर्दी जाहिर करना चाहती हैं.
