अस्थायी रूप से जलपाईगुड़ी जिला परिषद डाक बंगला में बनेगी सर्किट बेंच
कोलकाता : कलकत्ता हाइकोर्ट की बहुप्रतीक्षित जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच का उद्घाटन बहुत जल्द होने जा रहा है. सितंबर मध्य तक जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच का उद्घाटन कर दिया जायेगा. पश्चिम बंगाल सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है.उन्होंने बताया कि अस्थायी रूप से फिलहाल जलपाईगुड़ी जिला परिषद डाक बंगला में सर्किट बेंच का उद्घाटन किया जायेगा, इसके लिए डाक बंगला का पुनर्विकास भी किया गया है.
उन्होंने कहा कि स्टेशन रोड पर जिला परिषद डाक बंगला अस्थायी रूप से जलपाईगुड़ी सर्किट पीठ के लिए तैयार है और बुनियादी ढांचे का अंतिम निरीक्षण भी पूरा हो गया है. हम उम्मीद कर रहे हैं कि मध्य सितंबर में इसका उद्घाटन किया जायेगा.
उन्होंने बताया कि राज्य प्रशासन 10 सितंबर को सर्किट पीठ का उद्घाटन कार्यक्रम आयोजित करने की तारीख तय करने का प्रयास कर रहा है और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी इसका उद्घाटन कर सकती हैं.
कलकत्ता उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति ज्योतिर्मय भट्टाचार्य सहित चार अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश, राज्य के कानून मंत्री मयल घटक और राज्य के पर्यटन मंत्री गौतम देव ने पिछले सप्ताह डाक बंगला में तैयारियों का जायजा लिया था. अधिकारी ने बताया कि वे भवन के बुनियादी ढांचे से काफी संतुष्ट हुए. अब सभी वरिष्ठ न्यायाधीश इस संबंध में अपनी रिपोर्ट पेश करेंगे और उसके बाद जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के उद्घाटन पर अंतिम फैसला लिया जायेगा. उन्होंने बताया कि देश के राष्ट्रपति द्वारा नये सर्किट बेंच के संबंध में आधिकारिक विज्ञप्ति जारी की जायेगी और उसके बाद सर्किट बेंच का उद्घाटन किया जायेगा.
गाैरतलब है कि जलपाईगुड़ी सर्किट बेंच के लिए मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने 17 अगस्त को इसके उद्घाटन की तारीख की घोषणा की थी, मुख्यमंत्री के इस घोषणा पर सवाल उठाते हुए हाइकोर्ट में याचिका दायर की गयी थी.
इस याचिका में कहा गया था कि मुख्यमंत्री कलकत्ता हाइकोर्ट के सर्किट बेंच के उद्घाटन की तारीख तय नहीं कर सकती. सर्किट बेंच के उद्घाटन की तारीख सिर्फ कलकत्ता हाइकोर्ट तय कर सकती है.
गौरतलब है कि उत्तर बंगाल के लोगों काफी लंबे समय में वहां सर्किट बेंच की स्थापना की मांग कर रहे थे.सत्ता परिवर्तन के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जलपाईगुड़ी में सर्किट बेंच बनाने के लिए 40 एकड़ जमीन प्रदान की, जहां सितंबर 2012 में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी व कलकत्ता हाइकोर्ट के तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जेएन पटेल ने इसकी आधारशिला रखी थी.
तीन सितंबर को दार्जिलिंग जायेंगी सीएम, चार को करेंगी प्रशासनिक बैठक
पांच को ग्रीन फिल्ड यूनिवर्सिटी की रखेंगी आधारशिला
कोलकाता : मुख्यमंत्री ममता बनर्जी एक बार फिर उत्तर बंगाल दौरे पर जा रही हैं. आगामी सोमवार (तीन सितंबर) से गुरुवार तक मुख्यमंत्री ममता बनर्जी दार्जिलिंग दौरे पर रहेंगी. राज्य सचिवालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, तीन सितंबर को मुख्यमंत्री दार्जिलिंग पहुंचेंगी और चार सितंबर को वह वहां प्रशासनिक बैठक करेंगी. प्रशासनिक बैठक में गोरखा टेरिटोरियल एडमिनिस्ट्रेशन (जीटीए) के माध्यम से दार्जिलिंग में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करेंगी.
इसके बाद पांच सितंबर को मुख्यमंत्री वहां ग्रीन फिल्ड यूनिवर्सिटी की आधारशिला रखेंगी. गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दार्जिलिंग में एक यूनिवर्सिटी की स्थापना करने की घोषणा की थी और अपने वादे को निभाते हुए वहां नई यूनिवर्सिटी का शिलान्यास करेंगी.
इसके साथ ही दार्जिलिंग के मॉल में वह जनसभा को संबोधित करेंगी और इस सभा के दौरान वह दार्जिलिंग के लिए और नई योजनाओं की घोषणा कर सकती हैं. साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को मुख्यमंत्री सरकारी सहायता भी प्रदान भी करेंगी.
इस संबंध में जीटीए के चेयरमैन विनय तमांग ने बताया कि मुख्यमंत्री तीन सितंबर को तीन दिवसीय दौरे पर दार्जिलिंग आ रही हैं और इसके लिए जिला प्रशासन ने तैयारियां भी शुरू कर दी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री इस दौरे के दौरान मंपू सहित अन्य उन्नयन पर्षद के प्रतिनिधियों के साथ भी बैठक कर सकती हैं. मुख्यमंत्री गुरुवार को कोलकाता वापस लौटेंगी.
स्वपना बर्मन की जीत पर सीएम ने दी बधाई
जलपाईगुड़ी की स्वपना बर्मन ने भारत को 11वां मेडल दिला दिया है. स्वपना ने हैप्टाथलॉन में गोल्ड जीत कर इतिहास रच दिया है. एशियन गेम्स में हैप्टाथलॉन में भारत का यह पहला मेडल है. स्वप्ना ने 800 मीटर की रेस को 2.21.13 में करके 808 अंक हासिल किए और सात अलग-अलग इवेंट में कुल 6026 अंकों के साथ गोल्ड पर कब्जा जमा लिया.
स्वपना की इस जीत पर पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने बधाई देते हुए कहा कि भारत व बंगाल की ‘हेप्टाथलॉन क्वीन’ स्वपना बर्मन को एशियन गेम्स में गोल्ड जीतने के लिए हार्दिक बधाई. आपने हमें बहुत गौरवान्वित किया है.
