कोलकाता :महानगर के विभिन्न तालाबों को भरनेवालों की अब खैर नहीं. कोलकाता नगर निगम अब ड्रोन के जरिये महानगर के सभी तालाबों की निगरानी करने का सिद्धांत लिया है. इसके लिए हर महीने विभिन्न इलाकों के तालाबों पर निगरानी होगी. इसकी जानकारी कोलकाता नगर निगम के एमएमआईसी (पीएमयू) स्वपन समद्दार ने दी. बुधवार को कोलकाता नगर निगम के कमिश्नर, ज्वाइंट कमिश्नर, बिल्डिंग विभाग, एसेस्मेंट कलेक्शन विभाग समेत कई विभागों के अधिकारी के बीच एक बैठक हुई. बैठक में निर्णय लिया गया है कि अब महानगर के तालाबों (जलाशयों) की निगरानी ड्रोन के जरिए होगी.
श्री समद्दार ने बताया कि प्रत्येक सप्ताह इसके लिए बैठक होगी और प्रत्येक पंद्रह दिनों पर पुलिस के साथ बैठक होगी और फिर हर माह एक बार ड्रोन से निगरानी होगी. इसके लिए जल्द ही काम शुरू किया जायेगा. इलाके विभाजित कर हर माह ड्रोन से निगरानी होगी, जिससे सुविधा हो. ड्रोन से मिले रिपोर्ट पर कार्रवाई भी की जायेगी, जहां भी तालाब भरने और भरता हुआ पाया गया, उस मुताबिक कार्रवाई की जायेगी.
बोरो स्तर पर होंगे नोडल ऑफिसर
श्री समद्दार ने बताया कि कोलकाता नगर निगम के प्रत्येक बोरो स्तर पर इसके लिए एक नोडल ऑफिसर भी नियुक्त किये जायेंगे, जो ऑफिस प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (पीएमयू) के अधीन होंगे. बोरो स्तर पर नोडल ऑफिसर ही अपने पूरे इलाके की शिकायत देखेंगे कि कहां तालाब है और उसकी क्या स्थिति है. इसकी रिपोर्ट लेकर कार्रवाई की जायेगी. इसके लिए एसेसमेंट ऑफिस के अधिकारी, इंजीनियर भी नोडल ऑफिसर का सहयोग करेंगे.
शिकायत मिलते ही कार्रवाई
तालाब पाटने की शिकायत मिलते ही उस पर कार्रवाई होगी. पंद्रह दिनों के अंतराल में पुलिस के साथ मीटिंग होगी. तालाब भरने की शिकायत पर एफआइआर करने की सलाह दी गयी है.
स्वच्छ तालाबों में होगा मछली पालन
गंदे तालाबों की साफ-सफाई की जायेगी और स्वच्छ तालाबों में तब्दील करने के बाद उसमें मछली पालन किया जायेगा. इसके लिए केएमसी मत्स्य पालन से जुड़े लोगों को स्वच्छ तालाब सौंप देगा या निगम भी मछली पालन विभाग के जरिए खुद मछली पालन करवायेगा.
