कोलकाता : भाजपा के बढ़ते प्रभाव और उसके बुद्धजीवी सेल के लगातार मजबूत होता देख तृणमूल कांग्रेस ने भी बुधवार को अपना कल्चरल सेल का गठन कर दिया. तृणमूल भवन में इस बाबत हुई बैठक में प्रदेश के कलाकारों व बुद्धजीवियों को लेकर इंद्रनील सेन के नेतृत्व में कल्चरल सेल का गठन किया गया. पहले दौर में इस सेल का संचालन 11 सदस्यीय नेतृत्व करेंगे. बुधवार को हुई बैठक में शुभप्रसन्ना, सुब्रत बख्शी, सुबोध सरकार, श्रीकांत मोहता, अरूप विश्वास और इंद्रनील सेन मुख्य थे.
बैठक में तय हुआ कि भाजपा के बढ़ते प्रभाव को रोकने के लिए अलग-अलग क्षेत्रों में रह रहे बुद्धजीवी और कलाकार समाज को यह सेल अपने साथ जोड़ेगा. इसके लिए 11 सदस्यों में सबको अलग-अलग जिम्मेवारी दी जायेगी, जो एक छाते की तरह होगा. लोग अपना-अपना काम तो करेंगे, लेकिन उनका जुड़ाव छाता के डंडे यानि इंद्रनील सेन से जुड़ा होगा. मसलन टीवी इंडस्ट्रीज की कमान एक के जिम्मे होगी तो बांग्ला सिनेमा की जिम्मेवारी किसी और के जिम्मे.
ॉ, चित्रकारों व कवियों के साथ साहित्यकारों के लिए अलग से जिम्मेवारी बांटी जायेगी.वामपंथी संगठनों के मंच बंगाल प्लेटफॉर्म ऑफ मास आर्गेनाइजेशंस (बीपीएमओ) ने श्रमिक, किसान वर्ग और आम लोगों के हितों की मांग को लेकर कर रखी है राज्यव्यापी अभियान की घोषणा
कोलकाता. राज्य में अपनी स्थिति का आकलन करने के लिए माकपा व अन्य वामपंथी दल निचले स्तर पर आकलन मेें जुटे हैं. वहीं राज्य में अपनी स्थिति सुधरने व मजबूत करने के लिए उन्हें वामपंथी संगठनों से आस भी है.
यही वजह है कि वामपंथी संगठनों के मंच बंगाल प्लेटफॉर्म ऑफ मास आर्गेनाइजेशंस (बीपीएमओ) ने श्रमिक, किसान वर्ग और आम लोगों के हितों की मांग को लेकर राज्यव्यापी अभियान की घोषणा की गयी.
अभियान का नाम अधिकार यात्रा रखा गया है, जो सितंबर से शुरू होगी और 24 दिनों तक चलेगी. यह अक्तूबर महीने में समाप्त होगी.
माकपा के एक वरिष्ठ नेता ने कहा है कि बीपीएमओ की प्रस्तावित कार्यसूची से वामपंथी बूथ स्तर पर जनसंपर्क को मजबूत कर पायेंगे. अत: प्रस्तावित अधिकार यात्रा वामपंथी दलों के लिए भी काफी महत्वपूर्ण है.
