मुख्य बातें
Sujit Bose: कोलकाता. विधानसभा चुनाव के दूसरे व अंतिम चरण के मतदान के बाद राज्य के दमकल मंत्री सुजीत बोस प्रवर्तन निदेशालय (इडी) के समक्ष पेश हुए. उन्हें नगर निकायों में नियुक्तियों से जुड़े कथित घोटाले की जांच के सिलसिले में एक मई को तलब किया गया था. सुबह करीब 10:25 बजे वह सॉल्टलेक के सीजीओ कॉम्प्लेक्स स्थित इडी कार्यालय पहुंचे. सूत्रों के अनुसार, इडी अधिकारियों ने उनसे करीब नौ घंटे तक पूछताछ की. शाम लगभग 7:15 बजे वह कार्यालय से बाहर निकले.
खुद को बताया गवाह
बाहर निकलने के बाद सुजीत बोस ने कहा कि उन्हें इस मामले में आरोपी नहीं, बल्कि गवाह के रूप में बुलाया गया था. उन्होंने कहा कि जब भी एजेंसी उन्हें बुलायेगी, वह जांच में पूरा सहयोग करेंगे.
नोटिस पर उठाये सवाल
सुजीत बोस ने यह भी कहा कि जिस मामले में उन्हें बुलाया गया, उसमें उनका नाम नहीं है और यह बात एजेंसी भी जानती है. उन्होंने आग्रह किया कि उन्हें अनावश्यक रूप से परेशान करने के उद्देश्य से न बुलाया जाये.
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सीबीआइ चार्जशीट का जिक्र
उन्होंने बताया कि इस मामले में सीबीआइ पहले ही चार्जशीट दाखिल कर चुकी है और उसमें उनका नाम शामिल नहीं है. साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें यह स्पष्ट नहीं था कि उन्हें नोटिस क्यों भेजा गया.
दस्तावेज सौंपने की बात
सुजीत बोस ने कहा कि जांच के दौरान उनसे कुछ दस्तावेज मांगे गये हैं, जिन्हें वह जल्द ही एजेंसी को सौंपेंगे. अपने व्यवसाय को लेकर उन्होंने कहा कि उनके दो रेस्टोरेंट हैं और व्यवसाय करना कोई अपराध नहीं है, बल्कि गलत तरीके से धन कमाना अपराध है.
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