कोलकाता : आसन्न लोकसभा चुनाव में भाजपा गठबंधन सरकार को फिर से सत्ता में आने का अवसर मिलेगा? क्या वर्तमान सरकार ने अच्छे दिनों के वादे को पूरा किया है? जनता को समस्याओं से कहां तक निजात मिला है? इन्हीं सवालों के साथ वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया ने भाजपा नेता शत्रुघ्न सिन्हा, राज्यसभा सांसद पवन के वर्मा, रुपा गांगुली के साथ परिचर्चा आंरभ की. सांसद पवन के वर्मा समेत तमाम वक्ताओं ने गठबंधन की अपेक्षा पूर्ण बहुमतवाली सरकार को कारगर बताया. सांसद रुपा गांगुली ने केंद्र सरकार की अच्छे दिनों के आने के बारे में बताया.
पवन के वर्मा ने भारतीय संस्कृति को समन्वय की संस्कृति बतायी. जिसमें कभी भी रुढ़िवादिता का स्थान नहीं है.अटल जी की कविताओं का अंग्रेजी अनुवाद कर चुके श्री वर्मा ने भाजपा सरकार को भी 40 क्षेत्रीय दलों की गठबंधन की सरकार कहते हुए अगले लोकसभा चुनाव में पुन: जीत दुहराने के कारणों का जिक्र किया.
कार्यक्रम में वरिष्ठ पत्रकार संजय पुगलिया ने माडरेटर की भूमिका में अपने आगामी लोकसभा चुनाव की संभावना को लेकर वक्ताओं से सवाल किये. इस अवसर पर चेंबर की ओर से राजेंद्र खंडेलवाल, ओपी अग्रवाल, उद्योगपति हर्ष नेवटिया आदि शामिल थे.
”हम जो जिंदा हैं जीने का हुनर रखते हैं”
कोलकाता. हम जो जिंदा हैं, जीने का हुनर रखते हैं… कुछ इन्हीं पंक्तियों से अपनी बेबाक टिप्पणी के लिए भाजपा के बागी नेता के रुप में अपनी पहचान रखने वाले शत्रुघ्न सिन्हा ने अपनी भावनाओं का इजहार किया. वह महानगर की 187 साल पुरानी उद्योग परिसंघ ‘कलकत्ता चेंबर ऑफ काॅमर्स’ की ओर से आयोजित संगोष्ठी में बोल रहे थे. उन्होंने कहा कि मतभेद हो पर मनभेद नहीं हो, यही स्वस्थ लोकतंत्र की खूबी है.
