कोलकाता : महानगर के 128 नंबर वार्ड स्थित कोलकाता नगर निगम का बेहला लेबर क्वार्टर खस्ताहाल में हैं. छतों से पानी टपकता है. दीवारों में दरारें पड़ गयी हैं, खिड़कियां टूट चुकी हैं और इमारत के बाहर की दीवारों पर पेड़-पौधे उग गये हैं. इनमें रहनेवाले लोगों का कहना है, क्या करें साहब! जान जोखिम में डाल कर रह रहे हैं.
बरसात में सो भी नहीं पाते हैं, रात जाग कर बितानी पड़ती है. यहां कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. गौरतलब है कि स्थानीय पार्षद रत्ना राय मजूमदार ने इसकी शिकायत मेयर शोभन चटर्जी से भी की है. इसके बाद भी निगम का यह लेबर क्वार्टर बदहाल स्थिति में है. चार मंजिला इस इमारत में करीब 32 परिवार रहते हैं. बता दें कि क्वार्टर की मरम्मत के लिए श्रीमती राय मजूमदार निगम के मासिक अधिवेशन की बैठक में प्रस्ताव भी रख चुकी हैं. बावजूद इसके र्क्वाटर की दशा जस की तस बनी हुई है.
शिकायत मिलने पर मेयर ने करवाया निरीक्षण
र्क्वावटर की मरम्मत के लिए श्रीमती राय मजूमदार ने मेयर शोभन चटर्जी को एक वर्ष पहले ही ज्ञापन सौंपा है. इसके बाद मेयर शोभन चटर्जी के निर्देश पर निगम आयुक्त खलील अहमद ने एक टीम भेज कर मौके का जायजा लिया था. निगम द्वारा सर्वे के बाद पता चला कि यहां ऐसे भी लोग रहते, जिनके माता-पिता या अन्य पूर्वज निगम के कर्मचारी थे.
वहीं वर्तमान में कार्य करनेवाले केएमसी के श्रमिक भी यहां रहते हैं. श्रमिक इस जर्जर इमारत में रहने के लिए बकायदा किराया भी देते हैं. स्थानीय पार्षद का दावा है कि निगम के सर्वे के बाद अब तक मरम्मत कार्य को शुरू नहीं किया गया है. बता दें कि 1974 में तत्कालीन मुख्यमंत्री सिद्धार्थ शंकर राय ने इसका उद्घाटन किया था.
