कोलकाता : कलकत्ता विश्वविद्यालय से जुड़े कई कॉलेजों में स्नातक कोर्स के लिए अब दूसरे चरण की दाखिला प्रक्रिया शुरू होगी. राज्य सरकार द्वारा दाखिले की तिथि बढ़ाने के बाद भी आरक्षित सीटों पर भर्ती नहीं हो पायी है. समय सीमा यानी 20 अगस्त के बाद कोई आवेदन स्वीकार नहीं किया जायेगा. सामान्य श्रेणी में सीटें भरने के लिए भी एक प्रक्रिया है.
इसमें देरी से नामांकन करने वाले छात्रों को सिलेबस पूरा करने के लिए एक रूपरेखा बनानी होगी, ताकि कक्षाअों को पूरा किया जा सके. कॉलेज के प्रिंसिपलों का कहना है कि प्रथम चरण के दाखिले के बाद भी कई कॉलेजों में हजारों सीटें खाली रह गयी हैं. अब दाखिले का समय बढ़ाये जाने के बावजूद कई कॉलेजों में आरक्षित सीटों पर अभी भी दाखिला नहीं हो पाया है.
उत्तर कोलकाता के एक कॉलेज प्रिंसिपल का कहना है कि हम कक्षाएं शीघ्र शुरू करना चाहते हैं ताकि दूसरे चरण में दाखिला लेने वाले छात्रों को पढ़ाई का नुकसान न उठाना पड़े.
एक शिक्षक ने बताया कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में प्रथम सेमेस्टर की शुरुआत की गयी. जो छात्र दूसरे चरण में दाखिला लेंगे, वे पढ़ाई में भी थोड़ा पीछे रहेंगे. चार-पांच सप्ताह पहले ही क्लास शुरू की गयी है. अब आरक्षित सीटों पर दाखिला नहीं लिया जा सकता है, इससे समय का नुकसान होगा. अगस्त के तीसरे सप्ताह तक इस प्रक्रिया को बंद कर दिया जायेगा. वेस्ट बंगाल स्टेट हायर एजुकेशन इन्सटीट्यूशंस (दाखिले में आरक्षण ) एक्ट, 2013 के अनुसार दाखिले का दूसरा चरण 15 दिनों में पूरा हो जाना चाहिए. अगर आरक्षित कोटा में कोई सीट रह जाती है तो उस पर दाखिला अब मान्य नहीं होगा.
कई बार देखा गया है कि आरक्षित सीट पर भी सामान्य दाखिला हो जाता है, ताकि कोई भी सीट खाली न रह जाये. अभी इसमें भी समस्या आ रही है. उत्तर कोलकाता के कुछ कॉलेजों में कई विभागों में लगभग तीन सौ साटें खाली पड़ी हैं. सामान्य श्रेणी में अगर कुछ विषयों में सीटें खाली रह जाती हैं तो कॉलेजों को इसकी रिपोर्ट देनी होगी. इसमें अंगेजी, साइकोलोजी व जियोग्राफी में कई विषयों की सामान्य श्रेणी में भी सीटें खाली रह गयी हैं.
इसी तरह स्कॉटिश चर्च कॉलेज में भी आरक्षित सीटों पर इस साल दुबारा आवेदन नहीं किया जायेगा. डिरोजियो कॉलेज में भी प्रथम चरण के दाखिले के अंत तक काफी सीटें खाली रह गयी. यहां के एक अधिकारी ने बताया कि दूसरे चरण में आरक्षित सीटों के लिए कुछ आवेदन प्राप्त हुए हैं लेकिन समय सीमा निकलने के बाद कुछ नहीं किया जा सकता है.
