हावड़ा : उलबेड़िया में वामपंथी कृषक संगठनों की ओर से जेल भरो आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों आैर पुलिस के बीच जमकर हिंसक झड़प हुई है. इस झड़प में दोनों पक्षों के 25 से अधिक लोग घायल हुए हैं. प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर पत्थर भी फेंके. हालत बेकाबू होते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा. जानकारी के अनुसार, कृषक संगठनों की ओर से एसडीओ कार्यालय के सामने प्रदर्शन करने के लिए एक रैली निकाली गयी.
रैली रोकने के लिए दो बेरीकेड बनाये गये थे. पहला बेरीकेड उलबेड़िया संशोधनागार के पास जबकि दूसरा एसडीओ कार्यालय के पास बनाया गया. प्रदर्शनकारियों ने पहला बेरीकेड तोड़ दिया आैर एसडीओ कार्यालय के पास बने बेरीकेड तोड़ने की कोशिश करने लगे. मौके पर तैनात पुलिस कर्मियों ने भरसक रोकने की कोशिश की, लेकिन नाकाम रहे. दूसरा बेरीकेड टूटते ही पुलिस ने लाठीचार्ज शुरू कर दिया. प्रदर्शनकारियों के बीच भगदड़ मच गयी. कुछ देर के बाद हालात काबू में आया.
वामपंथियों ने गिरफ्तारी दी
हुगली. वामपंथियों के आह्वान पर जिले में कानून तोड़ो आंदोलन हुआ. पुलिस की तीन बैरिकेट को तोड़कर लोग आगे बढ़े और बाद में पुलिस के समक्ष गिरफ्तारियां दीं. गिरफ्तार लोगों की संख्या 10,000 बतायी गयी है. जेल भरो आंदोलन चुंचुड़ा में संपन्न हुआ. अपनी नौ मांगों को लेकर वामपंथी दलों के सीटू सारा भारत कृषक सभा, गांव खेत मजदूर संगठन सहित अन्य संगठनों के प्रतिनिधियों ने इस आंदोलन में शिरकत की.
मौके पर जिला माकपा के सचिव देवव्रत घोष, सीटू के जिला सचिव असित मुखर्जी अन्य संगठनों के नेतृत्व शामिल हुए. वहीं, एआइकेएम के उपाध्यक्ष कार्तिक पाल ने बताया कि पूरे देश में करीब 250 से जिलों में कानून भंग किया गया. राज्य में 3000 से अधिक नेता आैर कार्यकर्ताओं की गिरफ्तारी हुई.
