कोलकाता : सार्वजनिक क्षेत्र की इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (आइओसी) ने कहा है कि पश्चिम बंगाल सरकार ने संभावित बोली लगानेवालों को आश्वस्त किया था कि हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स (एचपीएल) के 15.5 करोड़ शेयर उसके पास हैं, जबकि एक अन्य प्रवर्तक टीसीजी अब इन शेयरों पर दावे को लेकर अदालत में चली गयी है, जिसकी वजह से इस सौदे में दिक्कत आ रही है.
आइओसी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने बोली पूर्व की बैठक में संभावित बोलीदाताओं से कहा था कि 15.5 करोड़ शेयरों का कोई मुद्दा नहीं है, क्योंकि यह उसके संरक्षण में हैं. हालांकि, आइओसी वित्तीय संकटग्रस्त हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स में पश्चिम बंगाल सरकार की हिस्सेदारी लेने के लिए एकमात्र बोलीदाता है, लेकिन यह प्रक्रिया रुकी हुई है, क्यांेकि एक अन्य प्रवर्तक टीसीजी अदालत चली गयी है. उसने इन 15.5 करोड़ शेयरों पर दावा किया है.
अधिकारी ने बताया कि बोली हालांकि पिछले साल अक्तूबर में जमा करायी गयी थी, इसके लिए 25.10 रुपये प्रति शेयर का मूल्य लगाया गया. अब वह सौदे के पूरा न होने पर असमंजस की स्थिति में है. कंपनी में आइओसी की पहले से 9 प्रतिशत हिस्सेदारी है. यह पूछे जाने पर कि क्या आइओसी की अभी भी हल्दिया पेट्रोकेमिकल्स में रुचि है, अधिकारी ने कहा कि कंपनी के पास उसकी मौजूदा हल्दिया रिफाइनरी के साथ अच्छा तालमेल बन सकता है. उन्होंने कहा कि हैरानी की बात यह है कि बोली जमा कराने के बाद से उन्हें कोई सूचना नहीं दी गयी है. हमने राज्य सरकार को लिखकर इस पर स्थिति के बारे में पूछा है, लेकिन हमें कोई जवाब नहीं मिला है.
