कोलकाता : पश्चिम बंगाल सरकार जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में कई योजनाओं को हाथों में लिया है. राज्य मंत्रिमंडल में पारित प्रस्तावों के अनुरूप कृषि विपणन विभाग ने राजारहाट-न्यूटाउन में जैविक बाजार (ऑर्गेनिक मार्केट) का निर्माण करने का निर्णय लिया है. 15 कट्ठा जमीन पर बननेवाले इस बाजार पर 16 करोड़ की लागत आने का अनुमान है.
राज्य के कृषि विपणन मामलों के मंत्री तपन दासगुप्ता ने कहा कि उक्त बाजार में ऑर्गेनिक फूड कोर्ट और ऑर्गेनिक प्रयोगशाला की भी व्यवस्था होगी. वर्तमान दौर में जैविक उत्पादों के प्रति लोगों के बढ़ते रुझान को ध्यान में रखते हुए सरकार इस तरह का बाजार तैयार करने जा रही है. ऑर्गेनिक बाजार के लिए तैयार विस्तृत योजना रिपोर्ट पर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की हरी झंडी मिल गयी है.
चालू वित्त वर्ष में ही यह बाजार खुल जायेगा. श्री दासगुप्ता ने कहा कि फिलहाल चार ऑर्गेनिक समूह का चयन किया जा चुका है. इसके अलावा जैविक खेती करने वाले किसानों के विभिन्न समूहों की पहचान की जा रही है. किसानों और जैविक उत्पादों के खरीदारों को ऑर्गेनिक बाजार से जोड़ना है.
उन्होंने बताया कि सरकार जैविक पद्धति से शाक-सब्जियां, चावल, दाल और मछलियों का उत्पादन पर जोर दे रही है. कृषि विपणन विभाग राज्य के विलुप्त प्रजाति राधातिलक, राधुनीपागल, मिनीकिट और ढेकी चावल लोगों तक पहुंचायेगी.
मूंग व मसूर दाल की जैविक खेती पर जोर दिया जा रहा है, ताकि आने वाले दिनों में लोगों को जैविक उत्पाद आसानी से मिल सके.
उन्होंने कहा कि प्लास्टिक के इस्तेमाल तथा इससे प्रदूषण के बढ़ते खतरा को देखते हुए कृषि विपणन विभाग अपने विपणन केंद्रों (सुफल बांग्ला स्टॉल) के माध्यम से अभियान चला रहा है.
राज्य में स्थायी और मोबाइल मिलाकर कुल 76 स्टॉल हैं. अगस्त में इस तरह के और 100 स्टॉल खोले जायेंगे. इन स्टॉलों पर प्लास्टिक के बदले ग्राहकों के लिए जूट के थैले की व्यवस्था की गयी है. 200 रुपये की खरीदारी करने वालों को जूट का थैला बतौर उपहार दिया जायेगा. पर्यावरण हितैषी को ध्यान में रखते हुए कृषि विपणन विभाग प्लास्टिक के खिलाफ अभियान चलायेगा. उन्होंने बताया कि 2017-18 वित्त वर्ष में सुफल बांग्ला ने 18 करोड़ का कारोबार किया है.
