नयी दिल्ली/कोलकाता : ममता बनर्जी द्वारा सोनिया गांधी और राहुल गांधी से भेंट करने के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल कांग्रेस के प्रमुख अधीर रंजन चौधरी ने तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो को ‘गिरगिट’ करार दिया और उन पर प्रधानमंत्री पद के लिए लालायित होने का आरोप लगाया.
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री पर तीक्ष्ण प्रहार करते हुए चौधरी ने आरोप लगाया कि बनर्जी ‘ट्रोजन होर्स (अपने स्वार्थ के लिए किसी का इस्तेमाल करना)’ की तरह व्यवहार कर रही हैं और संघीय मोर्चे का विचार सामने रख ‘एकजुट विपक्ष’ को विभाजित करने का प्रयास कर रही हैं. चौधरी ने विभिन्न दलों के नेताओं से उन पर विश्वास नहीं करने की अपील की. उन्होंने दो पूर्व प्रधानमंत्रियों के नामों का जिक्र करते हुए आरोप लगाया, ‘उनका एकमात्र उद्देश्य भारत का प्रधानमंत्री बनना है. वह प्रधानमंत्री पद के लिए लालायित हैं. उनमें देवगौड़ा लक्षण और गुजराल लक्षण हैं.’ चौधरी ने बनर्जी पर एक तरफ पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का ‘खात्मा’ और ‘सफाया’ करने की कोशिश करने और दूसरी तरफ अगले लोकसभा चुनाव में पार्टी का समर्थन मांगने की कोशिश करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘वह गिरगिट हैं, जो अपना रंग बदलता है. उन पर भरोसा नहीं किया जा सकता, उनके बारे में कोई अनुमान लगाना बेमानी है, ऐसे में कांग्रेस और अन्य नेताओं को उन पर तनिक भी भरोसा नहीं करना चाहिए.’
उन्होंने कहा, ‘ममता बनर्जी तानाशाह हैं और अब खुद को महिला संत के रूप में पेश करने का प्रयास कर रही हैं. वह पश्चिम बंगाल में चुनाव में हमें मतदान नहीं करने देकर या खड़े नहीं होने देकर कांग्रेस का सफाया करने का प्रयास कर रही हैं, हमारे नेता जेल में हैं. ऐसा जान पड़ता है कि बंगाल में राजनीति करना अपराध है. हम राज्य में सफाये की राजनीति के शिकार हैं.’ ममता के कट्टर विरोधी प्रदेश कांग्रेस प्रमुख ने कहा कि वह बंगाल में यथासंभव अधिक से अधिक सीट हथियाने का प्रयास कर रही हैं, ताकि वह अगले लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री पद के लिए अपना दावा कर सकें. चौधरी ने कहा कि बनर्जी सोच रही हैं कि वह अन्य विपक्षी दलों के समर्थन से प्रधानमंत्री बन जायेंगी, इसलिए वह बंगाल में कांग्रेस को कोई सीट देने से मना कर रही हैं. उन्होंने कहा कि जब राहुल गांधी विपक्ष को एकजुट करने की बात कर रहे हैं तब ममता बनर्जी तीसरे मोर्चे की चर्चा कर विपक्ष में विभाजन पैदा करने का प्रयास कर रही हैं.
उन्होंने कहा, ‘वह केवल वही करने का प्रयास कर रही हैं जो उनके लिए फिट बैठता है.’ बनर्जी पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाते हुए चौधरी ने कहा कि एक तरफ वह असम एनआरसी से बाहर रह गये 40 लाख लोगों की बात कर रही हैं तो दूसरी तरफ राज्य की सीमा पर बैरीकेड लगा रही हैं. उन्होंने यह भी याद किया कि कैसे ममता बनर्जी ने 2005 में संसद में पश्चिम बंगाल में अवैध प्रवासियों के खिलाफ स्थगन प्रस्ताव दिया था. उन्होंने मांग की कि वह इस मुद्दे पर अपना रुख स्पष्ट करें. बनर्जी ने भाजपा विरोधी मोर्चा बनाने के प्रयास के तहत कल राष्ट्रीय राजधानी में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी समेत विभिन्न दलों के नेताओं से भेंट की थी.
