मुख्यधारा में लौटे दो युवक
कोलकाता पुलिस की वार्षिक फुटबॉल प्रतियोगिता में एक निजी कंपनी ने दोनों को दी नौकरी
60 लोग शुद्धि प्रोजेक्ट में नशामुक्त होने की कर रहे हैं कोशिश
कोलकाता: समझ के अभाव में जिंदगी के मूल श्रोत से हटकर नशे के आदी हुए लोगों को शुद्धि प्रोजेक्ट के तहत नशामुक्त जिंदगी जीने के लिए कोलकाता पुलिस तैयार करती है. इसी प्रोजेक्ट के तहत नशामुक्त होकर समाज के मूल श्रोत में लौटे दो युवकों को कोलकाता पुलिस के वार्षिक पाड़ा फुटबॉल प्रतियोगिता के समापन समारोह में एक निजी कंपनी ने नियुक्ति पत्र दिया.
नौकरी पानेवाले युवकों के नाम जीतू मल्लिक व संजय मल्लिक हैं. इस समारोह में निजी कंपनी के अधिकारी ने दोनों को बांकुड़ा स्थित अपने प्लांट में पोस्टिंग दी. मौके पर कोलकाता पुलिस आयुक्त राजीव कुमार ने कहा कि महानगर में कई युवक समझ के अभाव में बुराई के रास्ते में चल पड़ते हैं और अनजाने में नशे के आदी हो जाते हैं. इसके बाद नशे के लिए रुपये की जुगाड़ में वे चोरी व छिनताई जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं.
इसी तरह के नशे के आदी युवकों को अपने शुद्धि प्रोजेक्ट में शामिल किया जाता है. जीतू मल्लिक व संजय मल्लिक भी उन्हीं दोनों में से हैं. इस प्रोजेक्ट से निकलने के बाद अब दोनों ने नशे से काफी दूरी बना ली है. समाज के मूल श्रोत में लौटकर वह काफी उन्नति करें, यही उनकी कामना है. मौजूदा समय में शुद्धि प्रोजेक्ट में 60 लोग नशा मुक्त होने की कोशिश कर रहे हैं.
पकड़े जाने पर लगाया जायेगा 200 रुपये का जुर्माना
कोलकाता. बैरकपुर पुलिस कमिशनरेट क्षेत्र में सिगरेट व तंबाकू उत्पाद निषेध अधिनियम (COPTA) लागू किया गया. बैरकपुर कमिशनरेट अंतर्गत अानेवाले 14 थाना इलाके में शुक्रवार से इस अधिनियम को लागू किया गया. पुलिस प्रशासन की ओर से माइक लगा कर बैरकपुर शिल्पांचल स्थित स्कूलों के आस-पास के दुकानदारों को सिगरेट, गुटखा व अन्य नशे की सामग्री नहीं बेचने का निर्देश दिया गया है. बताया गया कि केवल स्कूल ही नहीं बल्कि कॉलेज व अस्पतालों के 100 मीटर के भीतर कोई भी नशे का सामान बिक्री करते पकड़े जाने पर उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जायेगी. पुलिस की ओर से बताया गया कि सार्वजनिक स्थानों या वर्जित क्षेत्र में धूमपान करते पकड़े जाने पर 200 रुपये का जुर्माना लगाया जायेगा. साथ ही इन नियमों की अवहेलना करनेवालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जायेगी.
इस मामले में बैरकपुर पुलिस कमिशनरेट के पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार सिंह ने कहा कि धूमपान हमारे समाज में कैंसर की तरह है. ज्यादाकर युवा वर्ग धूमपान करने लगे हैं. विशेष कर स्कूली छात्रों को इससे बचाया जा सके, इस कारण इसे लागू किया गया है.
