कोलकाता : कलकत्ता यूनिवर्सिटी द्वारा स्नातक स्तर पर आर्ट्स व साइंस फैकल्टी में सेमेस्टर परीक्षा व च्वाइस-बेस्ड क्रेडिट सिस्टम शुरू करने के निर्णय से कॉलेजों की स्वायत्ता बढ़ेगी. वहीं, इस प्रणाली से अध्यापन पर भी असर पड़ेगा, क्योंकि सभी कॉलेजों में शिक्षकों का अभाव है. कई शिक्षक छात्र-शिक्षक अनुपात पर सवाल उठा रहे हैं.
उनका कहना है कि अगर सेमेस्टर प्रणाली बहुत सीमित समय तक रहेगी, तो शिक्षकों को बहुत ज्यादा राहत नहीं मिल पायेगी. इसी पर सभी स्तर पर राय ली जायेगी. साथ ही सीबीसीएस-एडमिशन एंड एक्जामिनेशन नियम 2018-19 पर चर्चा की जायेगी. एक अधिकारी ने बताया कि सीबीसीएस व सेमेस्टर परीक्षा शुरू करने के लिए एक प्रक्रिया बहुत जरूरी है.
सेमेस्टर प्रणाली शुरू करने के लिए छात्रों के इनटेक को सीमित करना होगा. नहीं तो यह फॉरमेट काम नहीं करेगा. कुछ शिक्षकों का कहना है कि सेमेस्टर के समाप्त होने तक अगले सेमेस्टर की कक्षा शुरू हो जायेगी. यहां साइंस व ह्यूमैनिटीज में शिक्षकों का भी अभाव है. प्रत्येक विभाग के लिए निर्धारित चार शिक्षक भी पूरे नहीं हैं. ऐसे में पहले इस समस्या का निदान करना होगा, तभी नयी प्रणाली उपयोगी सिद्ध होगी.
