राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में चल रहा वसूली उद्योग : सुजन

कोलकाता : राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है. विभिन्न कॉलेजों में वसूली उद्योग चल रहा है. मेधावी छात्रों को बड़े शिक्षण संस्थानों पर पढ़ने का अवसर नहीं मिल पा रहा है. यह बातें विधानसभा में वाम परिषदीय दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहीं. वह भर्ती प्रक्रिया […]

कोलकाता : राज्य के विभिन्न शिक्षण संस्थानों को नष्ट करने की कोशिश की जा रही है. विभिन्न कॉलेजों में वसूली उद्योग चल रहा है. मेधावी छात्रों को बड़े शिक्षण संस्थानों पर पढ़ने का अवसर नहीं मिल पा रहा है. यह बातें विधानसभा में वाम परिषदीय दल के नेता सुजन चक्रवर्ती ने कहीं. वह भर्ती प्रक्रिया को लेकर महानगर समेत विभिन्न कॉलेजों में जारी घमासान की शिकायत करने के लिए राज्यपाल से केशरीनाथ त्रिपाठी से मुलकात की.
मुलाकात के बाद उन्होंने राज्यभवन के बाहर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए बताया कि विभिन्न कॉलेजों में वसूली का घटना चरम पर पहुंचा चुका है. उन्होंने शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था फर्जी डॉक्टरेट की डिग्रीधारी द्वारा संचालित करना संभव नहीं. उन्होंने कहा कि कुछ लोग सत्ताधारी दल की मदद से कॉलेज में मेधावी छात्रों की दाखिला कर अपनी रोजी रोटी चलाते हैं. पूरे राज्य के लिए जादवपुर विश्वविद्यालय तथा प्रेंसिडेंसी देशभर में प्रसिद्ध है. लेकिन इसकी गरिमा को क्षति पहुंचाया जा रहा है.
इस शिक्षण संस्थानों में मेधावी छात्रों को पढ़ने का अवसर नहीं मिल रहा है. प्रेसिडेंसी तथा जादवपुर में प्रवेश परीक्षा ली जाती है. लेकिन अब उसे बंद करने का निर्णय लिया जा रहा है. 12वीं में अच्छे अंक के साथ पास करनेवाले छात्रों को उक्त विश्व विद्यालय में पढ़ने का अवसर नहीं मिला है. क्यों विश्वविद्यालय को किसी राजनीति दल द्वारा संचालित किया जायेगा? उन्होंने शिक्षा मंत्री को भी आड़े हाथों लिया. उन्होंने जायवपुर विश्वविद्यालय में धरना पर बैठे छात्रों को अपना समर्थन दिया. उन्होंने कहा कि राज्यपाल विश्वविद्यालयों के कुलाधिपति होते हैं. उन्होंने राज्यपाल स‍े इस मामले में हतक्षेप करने की मांग की है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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