कोलकाता : बड़ी-बड़ी डिग्रियां हासिल करने के बाद भी छात्र कई बार साक्षात्कार में फेल हो जाते हैं, क्योंकि अपनी काबिलियत पर उनको भरोसा नहीं होता है. छात्रों का आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए बंगाल के निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों में पारंपरिक अध्यापन प्रणाली से कक्षाओं में पढ़ाया जायेगा. क्लास रूम गतिविधियों की तैयारी के साथ छात्र टॉपिक को अच्छे तरीके से समझ सकें, इसके लिए एक विशेष तकनीक का इस्तेमाल किया जायेगा.
साथ ही क्लास में पढ़ाये जा रहे टॉपिक पर ग्रुप डिस्कशन कराये जाने की व्यवस्था पर जोर दिया जायेगा. क्लास में उस विषय पर छात्रों को प्रेजेंटेशन के लिए भी बोला जायेगा. यह जानकारी माैलाना अबुल कलाम आजाद यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के एक अधिकारी ने दी. उनका कहना है कि छात्रों को निपुण बनाने के लिए सब्जेक्ट विशेष पर शिक्षकों के साथ एक परिचर्चा भी की जायेगी, जिससे छात्रों को विषय के बारे में गहरी समझ बढ़े.
यूनिवर्सिटी को पहले वेस्ट बंगाल यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के नाम से जाना जाता था. अर्द्धवार्षिक सेमेस्टर परीक्षा को रीप्लेस करते हुए बीटेक छात्रों को इस प्रणाली में नियमित व व्यापक मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरना होगा. इससे संस्थान को छात्रों पर पूरे साल निगरानी रखने में सुविधा होगी. छात्रों की क्षमता व कमजोरियों को जानने का माैका मिलेगा.
क्लास परफार्मेंस व स्कोर के आधार पर फाइनल ग्रेड दिया जायेगा : वीसी
वाइस चांसलर का कहना है कि यूनिवर्सिटी ने एफिलियेटेड 90 निजी इंजीनियरिंग कॉलेजों को इस एकेडमिक सत्र में यह व्यवस्था शुरू करने के लिए कहा है. छात्रों को क्लास में परफार्मेंस व असाइनमेंट, प्रोजेक्ट के आधार पर प्रतिदिन अंक दिये जायेंगे. प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में यूनिवर्सिटी द्वारा एक सेंट्रलाइज्ड परीक्षा ली जायेगी. इंजीनियरिंग स्नातकों को भर्ती करने से पहले इस बात की जांच की जायेगी कि छात्रों को उस विषय का ज्ञान है कि नहीं. क्लास परफार्मेंस व स्कोर के आधार पर प्रोफेशनल स्किल टेस्ट में फाइनल ग्रेड दिया जायेगा.
