कोलकाता : हर किसी का यह सपना होता है कि उसका भी अपना एक घर हो, पर इस महंगाई के जमाने में इस सपने को साकार करना बेहद मुश्किल होता जा रहा है, विशेष रुप से शहरों में रहने वाले आर्थिक रुप से कमजोर लोगों के लिए अपना आशियाना बनाना चांद को जमीन पर लाने के समान हो गया है. पर अब यह मुश्किल आसान होती नजर आ रही है. राज्य सरकार शहरों में जिंदगी बसर कर रहे गरीबों के सर पर छत उपलब्ध कराने के लिए एक नयी परियोजना शुरू करने जा रही है.
शहरी गरीबों को घर उपलब्ध कराने के लिए राज्य की ममता बनर्जी सरकार ने बांग्लार बाड़ी नामक एक परियोजना शुरू की है. सोमवार को राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में इस फैसले पर मुहर लग गयी. इस संबंध में शिक्षा मंत्री पार्थ चटर्जी ने बताया कि हम लोगों ने आमार जोमीं-आमार बाड़ी नामक एक परियोजना शुरू की थी, जिसके तहत वैसे लोगों को घर बनाने के लिए दो लाख 79 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती थी, जिनके पास जमीन तो है, पर उनकी आर्थिक हालत ऐसी नहीं है कि वह उस पर अपना घर बना सके. पर शहरों में जमीन की किल्लत के कारण इस परियोजना को आगे बढ़ाने में दिक्कत आ रही थी. इसलिए हम लोगों ने अब बांग्लार बाड़ी नामक एक दूसरी परियोजना शुरू की है. जिसके तहत आर्थिक रुप से कमजोर ऐसे लोगों को घर उपलब्ध कराया जायेगा, जिनके पास न तो जमीन है और न ही पैसे.
श्री चटर्जी ने बताया कि यह परियोजना राज्य के नगरपालिका इलाकों में चलायी जायेगी. इसके तहत जी प्लस थ्री आकार की बहुमंजिली इमारत तैयार की जायेगी. उस इमारत में आर्थिक रुप से कमजोर लोगों को 385 वर्ग फीट का फ्लैट दिया जायेगा. प्रत्येक फ्लैट के निर्माण पर चार लाख 79 हजार रुपये का खर्च आयेगा.
इस परियोजना के अंतर्गत आर्थिक रुप से कमजोर ऐसे व्यक्ति को फ्लैट दिया जायेगा, जिसके पास अपना पक्का मकान न हो और जिसकी मासिक आमदनी दस हजार रुपये से अधिक न हो. महिलाओं, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अल्पसंख्यकों को इलाके में आबादी के अनुपात से तरजीह दी जायेगी. श्री चटर्जी ने बताया कि बांग्लार बाड़ी परियोजना के तहत विशेष रुप से उन इलाकों में बहुमंजिली इमारतें तैयार की जायेंगी, जहां नागरिक परिसेवा सही से नहीं पहुंच पा रहा है. इस संबंध में 15 दिन के अंदर निर्देशिका जारी कर दी जायेगी. प्राथमिक जानकारी के अनुसार लाभार्थी को फ्लैट के लिए कोई भुगतान नहीं करना पड़ेगा.
