हाइकोर्ट ने जांच का जिम्मा पुलिस अधीक्षक को सौंपा

रानीनगर में चुनाव बाद हिंसा व पुलिस के निष्क्रिय रहने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कलकत्ता हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

कोलकाता. रानीनगर में चुनाव बाद हिंसा व पुलिस के निष्क्रिय रहने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने कलकत्ता हाइकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था. मामले की सुनवाई के दौरान न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने मुर्शिदाबाद के पुलिस अधीक्षक को जांच करने की जिम्मेवारी देते हुए कहा कि हिंसा के शिकार होनेवाले बेघर लोगों को उनके घरों तक पहुंचाने की जिम्मेवारी भी पुलिस को निभानी होगी. अदालत के सूत्रों के अनुसार मुर्शिदाबाद में जिला कांग्रेस के महासचिव जहांगीर फकीर ने चुनाव बाद हिंसा व लोगों के बेघर होने का आरोप लगाते हुए हाइकोर्ट से गुहार लगायी थी. उन्होंने आरोप लगाया कि अपराधी बेखौफ होकर खुलेआम हथियार लेकर घूम रहे हैं. वे लोगों को डरा रहे हैं. उनके खिलाफ पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है. इतना ही नहीं, पुलिस के पास शिकायत करने पर पुलिस पहले तो शिकायत नहीं लेती और दबाव में ले भी ले रही है, तो कार्रवाई नहीं कर रही.

एफआइआर भी दर्ज नहीं करती. इसके खिलाफ उन्होंने हाइकोर्ट से गुहार लगायी थी. इस पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश अमृता सिन्हा ने आरोप की जांच और बेघर लोगों को घर तक पहुंचाने की जिम्मेवारी पुलिस अधीक्षक को सौंपी है.

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By Prabhat khabar news desk

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