लोकसभा चुनाव के चौथे चरण की वोटिंग से पहले घुसपैठ की 2 बड़ी कोशिश को बीएसएफ ने किया नाकाम

पश्चिम बंगाल से सटे बांग्लादेश सीमा से 2 बार घुसपैठ की कोशिश को बीएसएफ के जवानों ने नाकाम कर दिया है. कहा जा रहा है कि चुनाव को प्रभावित करने का इरादा था.

कोलकाता, अमित शर्मा : लोकसभा चुनाव के चौथे चरण की वोटिंग से एक दिन पहले पश्चिम बंगाल में भारत-बांग्लादेश की सीमा पर घुसपैठ की दो कोशिशें हुईं. दोनों ही कोशिशों को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों ने नाकाम कर दिया.

वोटिंग से पहले बांग्लादेश से 2 बार हुई घुसपैठ की कोशिश

पश्चिम बंगाल की 8 लोकसभा सीटों पर सोमवार (13 मई) को मतदान होना है. इनमें नदिया जिले की दो लोकसभा सीटों (कृष्णानगर व रानाघाट) पर भी वोटिंग होगी. ये दोनों लोकसभा सीटें उत्तर 24 परगना से सटे भारत-बांग्लादेश सीमा के करीब हैं. यहां होने वाले मतदान के ठीक एक दिन पहले यानी रविवार (12 मई) को को सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने बांग्लादेश से घुसपैठ की कोशिश को न केवल नाकाम किया, बल्कि घुसपैठियों को वापस भी खदेड़ दिया.

बीएसएफ के मुस्तैद जवानों ने घुसपैठियों को खदेड़ा

बताया जा रहा है कि रविवार को उत्तर 24 परगना स्थित सीमा चौकी रनघाट इलाके में बांग्लादेश से भारत में घुसपैठ करने की दो बार कोशिश की गयी, लेकिन दोनों ही बार सीमा पर मुस्तैद बीएसएफ के जवानों ने घुसपैठियों को वापस भागने के लिए मजबूर कर दिया.

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मुखबिरों ने दी थी सूचना- बड़ी संख्या में घुसपैठ की है तैयारी

बीएसएफ के एक अधिकारी ने बताया कि शनिवार (11 मई) की देर रात ही बीएसएफ की 68वीं बटालियन को मुखबिरों से सूचना मिली थी कि सीमा चौकी रनघाट इलाके से बड़ी तादाद में बांग्लादेशी घुसपैठ कर सकते हैं. यह भी अंदेशा जताया गया कि चौथे चरण के तहत होने वाले मतदान को प्रभावित करने के इरादे से उनकी घुसपैठ की योजना है.

भारत की सीमा में दाखिल होने की कोशिश कर रहे थे 20 लोग

सूचना के आधार पर रनघाट इलाके में निगरानी और बढ़ा दी गयी. इसी बीच, ड्यूटी पर तैनात बीएसएफ के जवानों ने बांग्लादेश से करीब 20 लोगों को अवैध तरीके से भारतीय सीमा की ओर बढ़ते देखा. वे कोदलिया नदी को पार करके भारतीय सीमा में घुस आये थे. बीएसएफ के जवानों ने उन्हें पहले वापस लौटने को कहा. इसके बावजूद बांग्लादेशी घुसपैठिये आगे बढ़ते रहे. उनके पास धारदार हथियार भी देखे गये.

बीएसएफ की फायरिंग के बाद बांग्लादेश की ओर भागे घुसपैठिए

घुसपैठियों को रोकने के लिए बीएसएफ के जवानों ने स्टन ग्रेनेड फेंके. इस पर भी वे जब नहीं रुके, तब बीएसएफ ने हवाई फायरिंग की. इसके बाद घुसपैठिये वापस बांग्लादेश की ओर भाग निकले. रविवार को ही तड़के सीमा चौकी रनघाट के दूसरे क्षेत्र से करीब 16 बांग्लादेशी अवैध तरीके से भारतीय सीमा में घुसने की कोशिश कर रहे थे. हालांकि. बीएसएफ की कार्रवाई के बाद उन्हें वापस बांग्लादेश में खदेड़ दिया गया. बीएसएफ के जवानों की फायरिंग में जान-माल का कोई नुकसान नहीं हुआ.

बीजीबी के साथ फ्लैग मीटिंग करेगा बीएसएफ

बीएसएफ, दक्षिण बंगाल सीमांत के डीआइजी व प्रवक्ता अमरीश कुमार आर्य ने कहा लोकसभा चुनाव के चौथे चरण के मतदान के पहले घुसपैठ की बड़ी कोशिश को बीएसएफ के जवानों ने बड़ी ही बहादुरी के साथ नाकाम किया है. इस घटना को लेकर बीएसएफ के अधिकारी बॉर्डर गार्ड्स बांग्लादेश (बीजीबी) के अधिकारियों के साथ फ्लैग मीटिंग करेंगे और इस मामले को लेकर ‘स्ट्रॉन्ग प्रोटेस्ट’ नोट भी दिया जायेगा. श्री आर्य ने आगे कहा कि बीएसएफ किसी भी सूरत में भारत में घुसपैठ नहीं होने देगी.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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