जांच एजेंसियां तृणमूल नेताओं से भाजपा में शामिल होने या कार्रवाई का सामना करने को कह रही हैं : ममता
भाजपा रामनवमी के दौरान सांप्रदायिक भावनाएं भड़का सकती है, लोगों से सतर्क रहने को कहा
By Prabhat Khabar News Desk | Updated at :
भाजपा रामनवमी के दौरान सांप्रदायिक भावनाएं भड़का सकती है, लोगों से सतर्क रहने को कहा
पुरुलिया. मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार को आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियां तृणमूल कांग्रेस नेताओं से या तो भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने या कार्रवाई का सामना करने के लिए कह रही हैं. पुरुलिया जिले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सुश्री बनर्जी ने आरोप लगाया कि प्रवर्तन निदेशालय (इडी), केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआइ), राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआइए) और आयकर विभाग जैसी एजेंसियां भाजपा के ‘हथियार’ के रूप में काम कर रही हैं. उन्होंने कहा: तृणमूल नेताओं को परेशान करने के लिए एनआइए, इडी और सीबीआइ जैसी एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है. वे बिना किसी पूर्व सूचना के छापेमारी कर रहे हैं और घरों में घुस रहे हैं. जब रात में सभी लोग सो रहे हों और कोई उनके घर में घुस जाये तो महिलाएं क्या करेंगी. लोगों से किसी के उकसावे में न आने की अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा रामनवमी के दौरान सांप्रदायिक भावनाएं भड़का सकती है. इस दौरान वे लोग चॉकलेट बम फोड़ेंगे और दंगा लगाने की साजिश रचेंगे. एनआइए को बुलाया जायेगा. झूठे मामले में हमारे कार्यकर्ताओं तथा बूथ एजेंट को गिरफ्तार किया जायेगा. पुरुलिया में भी हमने सुना है यहां सभी होटलों में एनआइए की टीम पहुंचकर तलाशी ले रही है. इसका विरोध किया जायेगा. मुख्यमंत्री ने केंद्र की भाजपा-नीत सरकार पर पश्चिम बंगाल को मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजनाओं के लिए धन से वंचित करने का भी आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार गरीबों को आवास बनाने के लिए 1.2 लाख रुपये देगी. उन्होंने कहा, ‘‘निर्वाचन आयोग अभी हमें पैसे देने की अनुमति नहीं देगा. चुनाव के बाद हम गरीबों के घर बनायेंगे.’’उन्होंने कहा कि सीबीआइ और एनआइए भाई-भाई हैं तथा इडी एवं इनकम टैक्स भाजपा के लिए रुपये वसूलने का काम कर रही हैं. उन्होंने कहा आयुष्मान भारत से राज्य का स्वास्थ्य साथी कार्ड लोगों के लिए काफी भरोसेमंद है. उन्होंने कहा कि सरना धर्म का अधिकार आपलोगों को मिल सके इसके लिए सभी तरह की मदद की जा रही है. महतो संप्रदाय के लोगों ने जो मांग उठायी है, उसकी भौगोलिक समीक्षा शुरू की गयी है.
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