आसनसोल/दुर्गापुर.
राज्य सरकार की सबसे महत्वाकांक्षी योजनाओं में से एक पश्चिम बंगाल स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड (डब्ल्यूबीएससीसी) का लाभ पाने में गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों के पसीने छूट जा रहे हैं. कुछ मामलों में तो बैंक सीधे ही मना कर दे रहा है कि वह इस स्कीम में लोन नहीं दे सकता है, जबकि इस लोन की गारंटी राज्य सरकार ले रही है, इसके बावजूद बैंकों की मनमानी से गरीब व जरूरतमंद विद्यार्थियों का भविष्य संकट में है. ऐसा ही एक मामला दुर्गापुर में सामने आया है. बी जोन स्टील टाउनशिप इलाके के निवासी व पेशे से टोटो चालक संतोष श्रीवास्तव की बेटी स्नेहा कुमारी का दाखिला एनएसएचएम नर्सिंग इंस्टीट्यूट शांतिनिकेतन में हुआ. चार साल की नर्सिंग पढ़ाई के लिए कुल 4.40 लाख रुपये का खर्च होगा. जिसके लिए उसने डब्ल्यूबीएससीसी के लिए आवेदन किया. उनका खाता यूको बैंक दुर्गापुर स्टील सिटी शाखा में होने के कारण लोन के लिए इसी बैंक में भेजा गया. दो माह तक बैंक के चक्कर लगाने के बाद गुरुवार को शाखा प्रबंधक अभिषेक कुमार ने लिखित में बताया कि संतोष श्रीवास्तव ने एक लोन लिया था, जिसे वे पूरा चुकता नहीं किये और बकाया कर्ज की राशि को बट्टे खाते में डाला गया, इसलिए हम डब्ल्यूबीएससीसी के तहत उसके शिक्षा ऋण को मंजूरी देने में असमर्थ हैं. इस जवाब के मिलने के बाद स्नेहा हताश हो चुकी है. उसे चिंता सताने लगा है कि उसकी आगे की पढ़ाई कैसे पूरी होगी. इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन से शिकायत की गयी है. अतिरिक्त जिकाधिकारी (शिक्षा)संजय पाल ने कहा कि वे इस मामले की जांच करने के बाद ही कुछ बता पाएंगे.क्या है पूरा मामला
दुर्गापुर बी जोन स्टील टाउनशिप इलाके के निवासी व टोटो चालक श्री श्रीवास्तव की बेटी स्नेहा का दाखिला एनएसएमएस नर्सिंग इंस्टिट्यूट शांतिनिकेतन में सितंबर 2024 में हुआ. उसके पिता ने अपनी सारी जमा पूंजी लगाकर बेटी का दाखिला यह सोच कर कराया कि आगे की पढ़ाई का खर्ज डब्ल्यूबीएससीसी के लोन से पूरा हो जाएगा. लेकिन उन्हें नहीं पता था कि यह लोन पाना कितना कठिन होता है. पिछले दो माह से लोन के लिए अपने सारे काम छोड़कर नियमित बैंक के चक्कर लगाते रहे, आखिरकार उन्हें गुरुवार को पता चला कि लोन नहीं मिलेगा.डब्ल्यूबीएससीसी के तहत ऋण देने से बैंक ने क्यों किया इनकार
यूको बैंक स्टील टाउनशिप शाखा के प्रबंधक अभिषेक कुमार ने एनएसएमएस नर्सिंग इंस्टिट्यूट को पत्र भेजकर बता दिया कि स्नेहा की पढ़ाई के लिए डब्ल्यूबीएससीसी के तहत ऋण नहीं मुहैया करा सकती है. स्नेहा के पिता ने बैंक से 1,10,827 रुपये का पर्सनल लोन 16 सितंबर 2019 को लिया था. यह लोन 31 मार्च को 2023 को बंद कर दिया गया, उन्होंने कर्ज की पूरी राशि का भुगतान नहीं तो बकाया पैसे को बट्टे खाते में डाला गया और उसे क्लोज किया गया था. इसलिए उनकी बेटी को लोन नहीं मिल सकती.सरकार लेगी लोन की गारंटी, तो पिता के सिबिल स्कोर से क्या है परेशानी
डब्ल्यूबीएससीसी में चार प्रतिशत की व्याज दर से लोन मिलने का प्रावधान है. यह राशि का भुगतान छात्र को पढ़ाई खत्म होने के एक साल बाद से या इससे पहले नौकरी लग जाने से शुरू करना होता है. कुल राशि का भुगतान 15 साल में करने की बात कही गयी है. कर्ज बैंक से मिलेगा, गारंटी सरकार लेगी. श्री श्रीवास्तव ने बैंक अधिकारी के सामने यह बात कही कि उसकी बेटी के लोन की गारंटी सरकार ले रही है, फिर उसका लोन क्यों नहीं मंजूर होगा? इसपर अधिकारी ने उन्हें दो टूक जवाब दिया कि उनके अख्तियार में नहीं है. डब्ल्यूबीएससीसी में लोन की गारंटी सरकार के होने के अलावा यह भी कहा गया है कि बैंक चाहे तो लोन नामंजूर कर सकती है. यह दोनों बात एक दूसरे से मेल नहीं खाते हैं. गरीब व जरूरतमंद छात्र इसकी परेशानी झेल रहा है. जो अमीर हैं, उन्हें बैंक आसानी से लोन दे रहा है.डब्ल्यूबीएससीसी को लेकर बैंक का रवैया उदासीन
डब्ल्यूबीएससीसी को लेकर बैंकों का रवैया काफी उदासीन है. यूको बैंक दुर्गापुर स्टील सिटी शाखा में डब्ल्यूबएससीसी का लॉगिन पासवर्ड नहीं होने से कार्य में काफी दिक्कत हो रही है. शाखा प्रबंधक ने पासवर्ड रीसेट करने के लिए अपने क्षेत्रीय मुख्यालय दुर्गापुर के प्राथमिकता विभाग को नियमित चिट्ठी लिख रहे हैं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हो रही है. चार फरवरी और तीन मार्च को उन्होंने चिट्ठी लिखा कि कृपया नीचे दिए गये उपयोगकर्ता विवरण के अनुसार हमारी शाखा में पश्चिम बंगाल स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड का लॉगिन पासवर्ड रीसेट करें. दो माह से स्थिति ऐसी ही है, जिसके बैंक की उदासीनता झलकती है.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
