बंगाल चुनाव 2026: ममता बनर्जी ने किया धर्मयुद्ध का शंखनाद, ‍BJP को कहा ‘कौरव’, TMC को ‘पांडव’

West Bengal Election 2026 Mahabharat: पांडबेश्वर रैली में ममता बनर्जी ने भाजपा और चुनाव आयोग पर आरोप लगाये हैं कि दोनों मिलकर पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची में धांधली कर रहे हैं. बंगाल चुनाव 2026 को महाभारत का युद्ध बताते हुए टीएमसी सुप्रीमो ने भाजपा को ‘कौरव’ करार दिया. पढ़ें पूरी रिपोर्ट.

West Bengal Election 2026 Mahabharat: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के रण को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक नया आध्यात्मिक और राजनीतिक मोड़ दे दिया है. गुरुवार को पश्चिम बर्धमान के पांडबेश्वर में एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आगामी चुनाव की तुलना महाभारत के युद्ध से कर दी. ममता बनर्जी ने भाजपा को ‘कौरव’ और अपनी पार्टी ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) को ‘पांडव’ बताते हुए धर्मयुद्ध का शंखनाद किया.

पांडवों की जीत तय है, कौरवों का होगा विनाश – ममता बनर्जी

तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार नरेंद्र नाथ चक्रवर्ती के समर्थन में प्रचार करते हुए ममता बनर्जी ने कहा कि यह लड़ाई सत्य और असत्य के बीच है. उन्होंने कहा कि यह लड़ाई पांडवों और कौरवों के बीच के युद्ध जैसी है. भाजपा कौरवों की तरफ है और टीएमसी पांडवों की तरफ. बंगाल की जनता तय करेगी कि वे धर्म के साथ हैं या अधर्म के साथ.

आज वे तार्किक विसंगतियों के नाम पर वोट छीन रहे हैं. भाजपा कौरवों की सेना लेकर आयी है, लेकिन हम पांडव बनकर बंगाल की संस्कृति और अधिकारों की रक्षा करेंगे. मतदाता सूची से जिनका नाम कटा है, उन्हें डरने की जरूरत नहीं, हम उन्हें मुफ्त कानूनी लड़ाई लड़ने में मदद करेंगे.

ममता बनर्जी, मुख्यमंत्री, पश्चिम बंगाल

ममता बनर्जी के निशाने पर भाजपा

पश्चिम बंगाल की चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सत्ता के अहंकार में चूर होकर कौरवों की तरह व्यवहार कर रही है, लेकिन अंत में जीत पांडवों यानी जनता की ही होगी.

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वोटर लिस्ट में धांधली कर रहे BJP और चुनाव आयोग

मुख्यमंत्री ने निर्वाचन आयोग और भाजपा पर मिलकर मतदाता सूची (Voter List) में हेरफेर करने का गंभीर आरोप लगाया. ममता ने दावा किया कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के नाम पर विपक्ष के गढ़ में मतदाताओं को जान-बूझकर निशाना बनाया जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि ‘तार्किक विसंगतियों’ के बहाने लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाये जा रहे हैं.

SIR से परेशान लोगों को मुफ्त कानूनी मदद का ऐलान

तृणमूल कांग्रेस की सुप्रीमो ममता बनर्जी ने ऐलान किया कि जिन वैध मतदाताओं के नाम सूची से हटाये गये हैं, टीएमसी सरकार उन्हें मुफ्त कानूनी सहायता प्रदान करेगी, ताकि वे अपना वोट वापस पा सकें.

बाकी सूची तुरंत सार्वजनिक करने की मांग

ममता बनर्जी ने चुनाव आयोग से मांग की कि सभी पूरक मतदाता सूचियों (Supplementary Lists) को बिना किसी देरी के तुरंत प्रकाशित किया जाये. उन्होंने कहा कि पारदर्शिता के बिना निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं है और आयोग को अपनी कार्यप्रणाली स्पष्ट करनी चाहिए.

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By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 30 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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